योग कमेंटरी | मैं दिव्य आत्मा हूँ | I’m a divine soul

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योग कमेंटरी | मैं दिव्य आत्मा हूँ | I’m a divine soul

मैं दिव्य आत्मा हूँ… सम्पूर्ण सतोप्रधान… Fully charged

मैं सदा श्रेष्ठ स्थिति में स्थित… सदा शान्ति… प्रेम… और आनंद का अनुभव करती हूँ

मेरी आँखें शीतल… बोल मधुर… कर्म श्रेष्ठ वा अलौकिक हैं

मैं देवता हूँ… सबको देने वाला… प्यार, सम्मान, विश्वास आदि

सभी को दिव्यता का अनुभव हो रहा है… दिव्य बनने की प्रेरणा मिल रही है… दैवी दुनिया सतयुग स्थापन हो रही है… ओम् शान्ति!

गीत: दिव्यगुणों के गुलदस्ते से…


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Sakar Murli Churnings 12-03-2019

Sakar Murli Churnings 12-03-2019

1. जितना आत्म-अभीमानी (हम अविनाशी आत्मा है, शरीर द्वारा पार्ट बजाते, 84 जन्मों का पार्ट बजाया है, औरों को भी आत्मा भाई के रूप में देखना है) और परमात्म-अभीमानी बनते… बहुत खुशी रहती, दृष्टि बड़ी मीठी banti, उल्टे सुलते शब्द द्वारा किसी को दुख नहीं देंगे, क्षीरखण्ड बन प्यार से रहेंगे

2. सबको यही समझाना है… कैसे इस संगम पर भगवान ब्रह्मा तन में आकर यथार्थ योग सीखाकर आदि सनातन देवी-देवता धर्म स्थापन करते हैं

3. अपने पोतामेल अवश्य रखना है, हम कितना समय आत्म-अभीमानी रहते, क्यूंकि बहुत लम्बे समय का शरीर देखने का अभ्यास है… सब को रास्ता बताना है, किसी को दुःख नहीं देना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… सदा योगयुक्त शुध्द पवित्र स्थिति में रह, सदा शान्ति प्रेम और आनंद-मय हल्की स्थिति अनुभव करते रहे… इस अवस्था में सेवा करेंगे तो सभी सहज समझ जाएंगे, हम बहुत जल्द सतयुग स्थापन करने के निमित्त बन जाएंगे… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | मैं राजऋशी हूँ

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योग कमेंटरी | मैं राजऋशी हूँ

मैं राजऋशी हूँ… राजा भी… ऋशी भी

मैं बालक सो मालिक… सर्व खजा़नों का मालिक… स्वराज्य अधिकारी हूँ

मैं पवित्र, त्यागी तपस्वी हूँ… बुराइयों को त्याग कर… श्रेष्ठ स्थिति का भाग्य प्राप्त कर लिया है

मैं श्रेष्ठ स्थिति का आसन-धारी हूँ… कल्प वृक्ष की जड़ों में विराजमान… तपस्वी हूँ … मेरे श्रेष्ठ वाइब्रेशन सारे वृक्ष को पहुंचते… उनकी पालना करते हैं

मेरा तो एक शिवबाबा है… उनकी याद से मैं सर्व प्राप्ति सम्पन्न बना हूँ… सबको यह ख़ज़ाने बांटता हूँ… ओम् शान्ति!

गीत: महाज्योति को याद करो, हे योगी बड़े प्यार से…


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Sakar Murli Churnings 11-03-2019

Sakar Murli Churnings 11-03-2019

सदा यही स्मृति में रखना, कि हम परमात्म बाप की रूहानी यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं, तो बहुत खुशी रहेंगी और दैवीगुण भी धारण करने है (क्रोध आदि छोड़ देना है)… इसके लिए बाबा को याद करना है, तो लक्ष्मी नारायण समान बन जाएँगे… सर्विस करते रहना है (बैज व चित्रों द्वारा, म्यूज़ियम आदि में), ज्ञान की उछल अवश्य आनी चाहिए

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि स्वयं भगवान् ने हमें चुनकर अपना बनाया है, तो ज्ञान योग धारणा सेवा में सर्वश्रेष्ठ दौड़ी लगाए… नम्बर वन बनने के लिए योगबल द्वारा व्यर्थ को समर्थ में परिवर्तन करते रहें… औरों को भी समर्थ बनाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | मैं सार स्वरूप आत्मा हूँ | I am essence-full

योग कमेंटरी | मैं सार स्वरूप आत्मा हूँ | I am essence-full

मैं सार स्वरूप… फल स्वरूप… शक्तिशाली आत्मा हूँ

पास्ट जो हुआ, accurate था… आगे जो होगा, कल्याणकारी होगा… मुझे वर्तमान को श्रेष्ठ रखना है

मेरे संकल्प धैर्यवत… कम… समर्थ हैं

कुछ सोचने की आवश्यकता नहीं… सिर्फ़ योगयुक्त श्रेष्ठ स्थिति में रहना है… बाकी सब बाबा सम्भालेगा

सिर्फ हर कदम श्रीमत पर चलते… ज्ञान चिन्तन… बाबा की यादों में… रूहानी मौज में रहना है… औरों की भी सेवा स्वतः होती रहेंगी… ओम् शान्ति!


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The greatest fortune, of becoming God’s child! | परमात्मा की नम्बर वन रचना | Avyakt Murli Churnings 10-03-2019

The greatest fortune, of becoming God’s child! | परमात्मा की नम्बर वन रचना | Avyakt Murli Churnings 10-03-2019

विस्तार में सार की सुन्दरता!

कैसे भी बच्चें हो, बाबा उनको मिलन का अधिकार देने अवश्य आ जाते हैं… बाबा दोनों को देख हर्षित हो रहे हैं, विस्तार में वेरायटी के रोनक का श्रूंगार, और उसमें सार-स्वरूप शक्तिशाली बच्चें… ऎसे विस्तार के बीच सार बहुत अच्छा लगता है

ब्राह्मण अर्थात कौन?

  • परमात्मा की नम्बर वन direct सबसे महान रचना, देवताओं से भी ऊंच… ज्ञान स्वरूप, त्रिकालदर्शी, त्रिनेत्री आत्माएं… जिन्होने सबसे पहले साकार में परमात्म मिलन का सुख अनुभव किया
  • सभी सिर्फ महिमा गाते हैं, और हमने सर्व सम्बन्धों से भगवान् को अनुभव किया है, सर्व चरित्र भगवान् के साथ द्वारा अनुभव करते… सर्व अखुट अविनाशी खझानों के मालिक, सर्व प्राप्तियों से सम्पन्न बन गए हैं
  • सदा ज्ञान अमृत पीने, ब्रह्मा भोजन खाने वाले रूहानी मौज में, दिलाराम द्वारा दिल के आराम से दिल-तख्त पर बैठ सर्वश्रेष्ठ सेवा करने वाले
  • कल्प वृक्ष की जड़े, बीज द्वारा सभी पत्तों को मुक्ति-जीवनमुक्ति का पानी दिलाने वाले, सभी आत्माओं के लिए पूर्वज, आधार-मूर्त, उद्धार-मूर्त… सर्वश्रेष्ठ नवनिर्माण का कार्य करने वाले, ज्ञान यज्ञ रच सबकी भाग्यवान जीवन-पत्री बनाने वाले, सबकी सामूहिक सगाई परमात्मा से कराने वाले, पवित्रता का कंगन बांध, अमर कथा सुनाकर ने अमर बनाने वाले

ब्राह्मण सो देवता वा क्षत्रिय में अन्तर:

  • ब्राह्मण अर्थात सदा बेहद की जिम्मेवारी निभाते उड़ती कला के अनुभवी
  • सदा निशाने पर स्थित विजयी आत्माएं
  • Complaints, मेहनत वा समस्याओं से परे, सदा समाधान स्वरूप

विशेषताओं से सम्पन्न विश्व!

  • Delhi है सदा शक्तिशाली रहने के ताजधारी
  • कर्नाटक है स्नेह-भावना और बुद्धिमान-position का बैलेंस, नम्रता वाले
  • U. P. है सबसे wonderful ऑफ वर्ल्ड सेवा करने वाले
  • महाराष्ट्र है महान बनने और महान आत्माओं का गुलदसता बनाने वाले
  • विदेशी है विश्व के आगे बाप को हाज़िर नाजिर अर्थात नजरों के सामने प्रत्यक्ष करने वाले

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि हमें स्वयं भगवान द्वारा सर्वश्रेष्ठ महिमा-योग्य ब्राह्मण जीवन मिला है, तो उस अनुसार निरन्तर परमात्म साथ के अनुभवी बन सर्व प्राप्ति सम्पन्न, सर्व खझानों के मालिक अवश्य बने… जिससे स्वतः औरों को भी ऎसे श्रेष्ठ प्राप्ति-वान बनाते रहेंगे, सतयुग बना लेंगे… ओम् शान्ति!

Sakar Murli Churnings 09-03-2019

Sakar Murli Churnings 09-03-2019

1. सदा याद रखना है, यह पुरुषोत्तम संगमयुग है, हम पुरुषोत्तम बन रहे हैं, बाबा आए हमें 5 विकारों रूपी पिंजड़े से छुड़ाने

2. तो ऎसे (क्या से क्या बनाने वाले, बेहद का वर्सा देने वाले) बाबा को बहुत प्यार से याद करना है (महिमा करनी है)…

3. तो पावन गोरे बन सुख-शान्ति सम्पन्न स्वर्ग में पहुंच जाएंगे (जहां सदा बसन्त ऋतु, सुखी, निरोगी, अहिंसा परमोधर्म होते हैं)…

4. जल्दी उठ एकान्त में बैठ छत पर भी जाकर बाबा को याद कर सकते… चेक करना है हमारा मन कहां जाता है, यह सब तो विनाशी है, सिर्फ मैंं और बाबा इसी स्मृति में रह विश्व का मालिक बनना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… अभी संगमयुग चल रहा है, इसी स्मृति में रह बाबा को याद करते सदा श्रेष्ठ स्थिति में स्थित रह पुरुषोत्तम बनते रहे… और अपने श्रेष्ठ उदाहरण से औरों को भी बनाते रहे, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | I’m an immortal soul | भय-मुक्त आत्म-अभीमानी अवस्था

योग कमेंटरी | I’m an immortal soul | भय-मुक्त आत्म-अभीमानी अवस्था

मैं अजर… अमर… अविनाशी शक्ति… आत्मा हूँ

मुझे अग्नि जला नहीं सकती… पानी डुबो नहीं सकता… हथियार काट नहीं सकते

मुझे धरती हिला नहीं सकती… हवा उड़ा नहीं सकती… बिजली छू भी नहीं सकती

मुझे कोई मार नहीं सकता… छू भी नहीं सकता… मेरा कुछ नुकसान नहीं हो सकता

मैं बाह्य प्रभाव से भी परे… ज्ञान योग की शक्ति से सम्पन्न हूँ… बहुत शक्तिशाली, मास्टर सर्वशक्तिमान हूँ… ओम् शान्ति!


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Sakar Murli Churnings 08-03-2019

Sakar Murli Churnings 08-03-2019

1. बाबा हम संगमयुगी ब्राह्मणों (ईश्वरीय औलाद) को wonderful बातें सुनाकर रिफ्रेश कर देते हैं… तो मास्टर ज्ञान सागर बन विचार सागर मंथन कर नई-नई topics पार लिखना और फिर भाषण करना है (काल पर विजय प्राप्त कैसे करे?, देवी-देवता धर्म अथवा विश्व में शान्ति कैसे स्थापन होती है?)… फिर एक ही topic पर सब जगह समझाना है, तो बहुत अच्छी सेवा होगी, यूनिटी भी अच्छी दिखेंगी

2. ज्ञान-वन बनने के साथ योग में पक्का अवश्य बनाना है… इसके लिए ऎसी प्रैक्टिस करे (आत्म-अभीमानी, बाबा की याद, आत्मिक दृष्टि आदि के), कि यह अभ्यास जम जाएंयही मेहनत है ऊंच पद पाने की, अथवा विश्व का मालिक बनने की… तो अपने भिन्न-भिन्न titles (लाइट हाउस, सर्जन, धोबी आदि) और स्थानों (मूलवतन, सूक्ष्मवतन, आदि) का चिन्तन कर उनका अनुभव करना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… पावरफुल योग द्वारा सदा योगयुक्त स्थिति में रहे, फिर ज्ञान चिन्तन और सेवा द्वारा अपने समय को सफल करते रहे… तो हम बहुत ही जल्द इस विश्व पर सतयुग लाने में सफल बन जाएँगे… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | याद से याद मिलाना | Experiencing God’s Current | Sakar Murli Churnings 07-03-2019

याद से याद मिलाना | Experiencing God's Current | Sakar Murli Churnings 07-03-2019 image

योग कमेंटरी | याद से याद मिलाना | Experiencing God’s Current | Sakar Murli Churnings 07-03-2019

मैं निराकार ज्योति-बिन्दु आत्मा … मेरे परमपिता को याद कर रही हूँ… वो भी निराकार ज्योति-बिन्दु स्वरूप है

मैं बाबा को बहुत प्यार से याद करती… वो भी मुझे याद करते… याद से याद मिलती है… और उनकी current मुझे अनुभव हो रही है

बहुत शक्तिशाली current… जो मुझे शान्ति, प्यार और आनंद से भरपूर कर देती है… मैं एवर healthy, निरोगी, पावन बन रहा हूँ…

मेरी कर्मेंद्रीयां शीतल हो चुकी है… अपका बहुत शुक्रिया है बाबा… अपने मुझे सशक्त कर दिया है

औरों को भी यह current… कि sakash देकर… उनको सहयोग देना है… ओम् शान्ति!


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