योग कमेंटरी | मैं रॉयल आत्मा हूँ | I’m a Royal Soul

योग कमेंटरी | मैं रॉयल आत्मा हूँ | I’m a Royal Soul

मैं रॉयल आत्मा हूँ… रॉयल बाबा की सन्तान… रॉयल कुल की… रॉयल स्टूडेंट हूँ

मैं शान्त-चित्त… नम्र-चित्त… उदार-चित्त हूँ

मेरा व्यवहार सुखदाई… सम्मान-दाई… बड़ा रॉयल है

मेरे बोल मधुर… शीतलश्रेष्ठ है

मैं सर्व प्राप्तियों से सम्पन्न हूँ… मेरी आँख कहीं डूबती नहीं… सब को देते रहता हूँ… सुख-शान्ति प्रेम-सम्मान… ओम् शान्ति!


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Becoming full of all powers! | Avyakt Murli Churnings 26-05-2019

Becoming full of all powers! | Avyakt Murli Churnings 26-05-2019

जो सदा सर्च शक्तियों के अस्त्र-शस्त्र से संपन्न महावीर विजयी रहते, वहीं एवर रेडी, भगवान् के सच्चे स्टूडेंट है… हम ही सुनहरे समय का आह्वान करने वाले विश्व परिवर्तक है, समय पर हम आधारित नहीँ…

इसलिए चेक करते रहना है, हम सर्व शक्ति सम्पन्न है, कोई एक शक्ति में भी कमी न हो जहां से माया आए… तब ही 100 नए विश्व-राज्य-प्रकृति-सम्बंध का सुख अनुभव कर सकते… हमारा वायदा ही है, साथ रहेंगे साथ चलेंगे, साथ राज्य करेंगे

पार्टियों से मुलाकात 

1. याद में रहकर किए हुए हर कदम में पदमों की कमाई है, अभी सो जन्म जन्मांतर की… हम शिव-शक्तियां सदा बाबा की छत्रछाया में रहने वाले सदा सम्पन्न-विजयी हैं.. भय से मुक्त, Nothing न्यू की स्मृति द्वारा… स्नेह से बाबा की याद में रहने से सेफ रहते, याद की कमी से ही और सेक से बचे रहते

2. हिम्मत और उमंग-उत्साह के पंख द्बारा स्वयं भी उड़ते औरों को भी उड़ा सकते, हिम्मत से सबकुछ सहज हो जाता… इसलिए दोनों पंख ठीक रखने है, अभी समय ही है संकल्प किया और उड़ा

3. इसी नशे-खुशी में रहना है, हम मास्टर ज्ञान सूर्य सबको अंधकार से मुक्त कर, सही राह दिखाते, रात को दिन बनाते… इसी occupation में सदा तत्पर रहने से, स्वयं तो प्रकाशित बन ही जाएँगे

हम आत्माएं (कुमार) कौन है?

1. श्रेष्ठ जीवन में बाबा का बन जाना सबसे बड़ी तकदीर है, इसलिए हम सदा हर्षित रह सबको करते… भाग्य श्रेष्ट बनाते रहना है, ईश्वरीय नशे में रहकर माया की आकर्षण से बचे याद सहित सेवा में busy रहने से 

2. समर्थ ही सर्व प्राप्ति सम्पन्न रहते, इसलिए नॉलेजफुल बन माया से मुक्त रहना है… सदा आगे बढ़ते-बढ़ाते रहना है, वाह वाह के गीत गाते, हल्के बन्धन-मुक्त रह


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मुरली सुनने से 121 प्राप्तियां | 121 Benefits of Murli

मुरली सुनने से 121 प्राप्तियां | 121 Benefits of Murli image

मुरली सुनने से 121 प्राप्तियां | 121 Benefits of Murli

बाबा की मुरली हम सभी ब्राह्मण बच्चों का जियदान, जीवन का आधार, सबसे अमूल्य खज़ाना है… आज भी बाबा ने मुरली में कहा, मुरली ही रिफ्रेश करती, सत्य समझ देती, पुज्य-देवता बनाती!

तो आज मुरली सुनने से 121 प्राप्तियां आपको भेज रहे हैं… इन्हें बहुत आनंद से बाबा की याद में स्वीकार करना जी!

सुनते हुए

  • समझानी, सत्य ज्ञान मिलता, ज्ञान से भरपूर होते, ज्ञान से श्रृंगारे जाते… रौशनी-प्रकाश मिलता, समस्याओं का समाधान-शक्ति मिलती
  • स्थिति ऊँची-श्रेष्ठ-शक्तिशाली, निश्चिंत-खुशहाल बनती… स्मृति-स्वमान जागृत होता, उमंग-उत्साह-खुशी पुरुषार्थ बढ़ता

बाबा से सम्बन्ध वा स्वमानों का अनुभव!

  • बाबा को जान सकते, मिलन होता, उनका अनुभव होता, साथ रहते, बातें करते… सुप्रीम टीचर से पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त होता…
  • सुप्रीम माँ की ममता, बाप की पालना, टीचर की पढ़ाई-डायरेक्शन, सतगुरू की शिक्षा-सावधानी-श्रीमत, सखा से संवाद, साजन का प्रेम-पत्र, बड़े भाई का मार्गदर्शन, बच्चे का आवाज, सुप्रीम सर्जन की प्रिस्क्रिप्शन मिलती
  • अपने को गॉड्ली स्टूडेंट, मास्टर ज्ञान सागर, नॉलेजफुल, त्रिकालदर्शी, त्रिलोकीनाथ, त्रिनेत्रि, सच्ची पार्वती, अर्जुन अनुभव कर सकते

दिन का पक्का फाउंडेशन!

  • मन का भोजन, आंतरिक अवस्था का स्नान हो जाता, ज्ञान धन-रत्न बढ़ते… ज्ञान के अस्त्र-शस्त्र से सम्पन्न रहतेे, विचार चेक-चेंज कर सकते, स्थिति अच्छी-पावरफुल बनती
  • पास्ट मर्ज होता, चिंता कम होती, मन सशक्त, बुद्धि स्थिर होती… संस्कार शीतल-परिवर्तन-दैवी बनते
  • बुद्धि श्रेष्ठ स्मृतियों से भरपूर रहती… मन को श्रेष्ठ दिशा, चिन्तन का सामान मिलता, नवीनता…

सारा दिन

  • एकाग्रता, कार्य क्षमता, रचनात्मकता, कार्य सन्तुष्टता बढ़ती… सारा दिन अच्छा जाता, प्रभाव-मुक्त
  • औरों को भी अच्छे पॉइंट्स सुना सकते, सेवा कर सकते
  • योग के संकल्प मिलते, योग सहज, बाबा के समीप रहते… कर्मयोगी सहज

ब्राह्मण जीवन में

  • श्रीमत पालना, फॉलो फादर होता.. समय सफल, कान शुद्ध, ज्ञान अमृत मिलता.. संगमयुग का अनुभव होता
  • संगम के समय-श्वास-संकल्प.. बाबा के ज्ञान-राजयोग-गुण-शक्तियों की वैल्यू realize होती
  • सब योग के अभ्यास सहज हो जाते (देही-अभिमानी, आत्म-अभिमानी, अशरीरी, विदेही, स्वमानों का अभ्यास, आत्मिक दृष्टि, परमधाम सूक्ष्मवतन सतयुग का अनुभव, बाबा की याद, बापदादा मिलन, बाबा के titles से याद)

सेन्टर पर मुरली से प्राप्ति

  • एकान्त मिलता, अन्तर्मुखी होते, ज्ञान अच्छे से, गहराई से समझ आता
  • सेन्टर का सर्वश्रेष्ठ वातावरण मिलता, सेन्टर पे कुछ समय बीता सकते… बहनों के अनुभव, धारणाओं, मार्गदर्शन का लाभ मिलता… संगठन-संग का बल, योग सहज करता
  • सेवा के चांस मिलते, मुरली सुनाने की सेवा भी मिल सकती

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि बाबा हमें खास परमधाम से आकर रोज़ सर्वश्रेष्ठ पालना मुरली द्बारा करते, तो ऎसे पक्के स्टूडेंट बने, मिस करना तो दूर की बात, दिन में भी बार-बार मुरली पढ़ते-पढ़ाते रहे… तो स्वतः हमारी स्थिति योगयुक्त, हम सदा शान्ति प्रेम आनंद से भरपूर-सम्पन्न-शक्तिशाली रहते… सबको भी यह खज़ाने बांटते, सतयुग बनाते रहेंगे.. ओम् शान्ति!

https://youtu.be/anOp2-3H6lE

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The enchanting Murli! | Sakar Murli Churnings 25-05-2019

The enchanting Murli! | Sakar Murli Churnings 25-05-2019

1. बाबा मधुबन में ब्रह्मा-तन में आकर मुरली सुनाते, जिससे हमें सत्य ज्ञान मिलता, पुज्य बनते

2. मुख्य है योग अग्नि वा याद की यात्रा, जिससे पिछले विकर्म विनाश होते, इस जन्म का भी बाबा को सबकुछ बताने से हल्का करना है… बाबा बेहद में सबको देखते, करंट देते, जितना हम भी याद करेंगे, उतना सहयोग मिलता-पावन बनते… सारे विश्व को भी हमारे योग का सहयोग मिलता, फिर हम ही विश्व का मालिक बनते, इसी नशे में रहना है

3. बैज़ सदा लगा रहे (जिसमें बहुत सहज समझनी है… बेहद का बाबा, कल्याणकारी हमें स्वर्ग का वर्सा देते, यह संगमयुग चल रहा)… सुनकर फिर सुनाना-पढ़ाना भी है, ऎसा लायक बनना है कि मुरली भी सुना सके, सेन्टर भी चला सकें

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि हम रोज शिवबाबा की ज्ञान मुरली की मधुर तान सुनते, तो सदा उसीके चिन्तन में अतिन्द्रीय सुख-खुशी में नाचते रहे… सबको भी ज्ञान-गुण-शक्तियों का महादान-वरदान देते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

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योग कमेंटरी | हमारा सुन्दर योगी जीवन

योग कमेंटरी | हमारा सुन्दर योगी जीवन

हमारा योगी जीवन… सर्वश्रेष्ठपावन… सर्व प्राप्ति सम्पन्न है

हम बहुत-बहुत प्यार से… बाबा को याद करते… जो हमारा अति मीठा पिता… शान्ति प्रेम आनंद का सागर है

बाबा ने हमें अपना बनाकर… क्या से क्या बना दिया है… भाग्य का सितारा ⭐ चमका दिया है

बाबा, आप कितने मीठे हो… हम आपकी ही यादों में… आपका बन कर रहेंगे

अब हमारी जीवन आप पर बलिहार है… सबको भी आपसे मिलाकर… उन्हें सर्व प्राप्ति सम्पन्न बनाना है… ओम् शान्ति!

गीत: योगी पवित्र जीवन, कितना सुखद-सलोना…


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A refreshing fan! | Sakar Murli Churnings 24-05-2019

A refreshing fan! | Sakar Murli Churnings 24-05-2019

1. जितना स्वदर्शन चक्र का पंखा चलाते (जो एक सेकण्ड में चलता), तो रिफ्रेश होते और भविष्य चक्रवर्ती राजा, विष्णुवंशी-सूर्यवंशी बनते… सबको समझाना है, यही इस Spiritual यूनिवर्सिटी का एम-ऑब्जेक्ट है, पहले भी हम देवता थे

2. वृक्षपति बीजरूप बाबा (जो हमारा बाप, टीचर, सतगुरु है) नें हमें सारे चक्र का ज्ञान दिया है कि कैसे हम ही पूज्य-श्रेष्ठ-पारस थे और वर्सा भी देते, तो उनको तो बहुत याद करना है, विकारों-दुःख को छोड़… तो बाबा भी हमको याद करते, यही संगम का श्रेष्ठ भाग्य है… सतयुग में हमारी आयु भी लंबी होंगी

3. एक बाबा ही सत है जो सम्पूर्ण निर्विकारी, सतोप्रधान, ऑलमाइटी, विश्व का मालिक बनाते और कल्प बाद मिले हैं, तो उसके प्यार में डूबे रहना है, कलियुग को भूल… सूर्यवंशी-चन्द्रवंशी राज्य मस्ट रिपीट, यही हमारा एम ऑब्जेक्ट है, जो पाते श्रीमत-याद द्वारा… तो भारत भी फिर धनवान-गुणवान महिमा-योग्य बन जाएंगा.. हम भक्ति को भी समझ गए है, भगवान् आए ही है भक्ति का फल देने

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि हमें सर्वश्रेष्ठ स्वदर्शन चक्र का पंखा मिल गया है, तो उसे सदा स्विच ऑन रख बिल्कुल शीतल-शान्ति का अनुभव करते रहे… औरों को भी श्रेष्ठ वाइब्रेशन से सहयोग मिलते, सतयुग बन जाएंगा… ओम् शान्ति!


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योग कमेंटरी | आत्मिक सम्पर्क

योग कमेंटरी | आत्मिक सम्पर्क

मैं आत्मा सदा हल्की… हर्षित… प्रसन्न-चित्त हूँ

मैं आत्मा को देखती… आत्मा से बातें करती… मेरा सम्बन्ध आत्मा के साथ है

सबने मेरी बहुत पालना की है… अभी मुझे उनकी पालना करनी है… अपनी श्रेष्ठ स्थिति-रॉयल व्यवहार द्वारा

उनमें बहुत विशेषताएं हैं… उनका सम्मान-शुभ भावना दे… आगे बढ़ाना है

मुझे सदा सन्तुष्ट रह… सबको सन्तुष्ट करना है… मैं सन्तुष्टमणि हूँ… बाबा की अमूल्य रत्न

एक बाबा के बच्चे… सभी मेरे भाई-बहन… ईश्वरीय परिवार है… ओम् शान्ति!


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Sitting in God’s eyes | Sakar Murli Churnings 23-05-2019

Sitting in God’s eyes | Sakar Murli Churnings 23-05-2019

1. इस पुरुषोतम संगमयुग पर बाबा साधारण तन में आकर, हमें पढ़ाकर पारस-बुद्धि बनाते, फिर स्वर्ग में सम्पूर्ण सुख-धन-साधन एकता होंगी… ऎसे सुखधाम में जाना है, बाकी सब तो शान्तिधाम जाएँगे, इस दुखधाम-अपवित्रता को छोड़ना है (हम आत्मा भाई-भाई है, भ्रकुटी के बीच, बाप से वर्सा मिलता)… जो आने वाले होंगे वह आ जाएँगे, हमें भी समझाते रहना है (दो बाप, आदि)

2. हमें सम्पूर्ण ज्ञान मिल गया है, तो कैसे भी करके (हर जगह, भोजन करते, आदि) बाबा को याद करना है, तो विकर्म-विनाश हो माया-जीत बन पवित्र-सतोप्रधान विश्व का मालिक बन जाएँगे… बाकी थोड़ा समय है, गुल-गुल बनने से बाबा नयनों में बिठाकर ले जाएँगे, कमाई बड़ी भारी ही (घाटा भी!) देही-अभिमानी बनने से सब सहज होता… चिन्तन भी करना है कैसे हम आत्मा है, फिर घर जाएँगे, फ़िर सतयुग में आएँगे

सार

तो चलिए आज आरा दिन… जबकि बाबा ने हमें अपने नयनों में बिठा दिया है, तो हम भी उन्हें अपने नैनों में समाकर, अपनी दिनचर्या के हर पहलू को योगयुक्त बना दे… तो सदा श्रेष्ठ स्थिति में स्थित दिव्यगुण-सम्पन्न बन, औरों को भी श्रेष्ठ बनाते, सतयुग बनाते रहेंगे… ओम् शान्ति!


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योग कमेंटरी | बाबा रूहानी चुम्बक है

योग कमेंटरी | बाबा रूहानी चुम्बक है

मैं आत्मा हूँ… देह-भान से बिल्कुल न्यारी… आत्म-अभिमानी स्थिति में स्थित

बाबा रूहानी चुम्बक है… उनका प्यार मुझे खींचता है… सहज सबकुछ भुलाकर… उसके पास पहुंचा देता

उसकी मीठी-मीठी याद… मुझे भरपूर कर देती है… पावन बनाती, जैसे कि सारी कट उतर गई है

मैं बहुत हल्कीशुध्दखुशियों से भरपूर हो चुकी हूँ

सबको ऎसे बाबा से जुड़कर… सर्व प्राप्ति सम्पन्न बनाना है… ओम् शान्ति!


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हमारे wonderful चित्र | Sakar Murli Churnings 22-05-2019

हमारे wonderful चित्र | Sakar Murli Churnings 22-05-2019

1. जबकि बाबा हमें फूल-हीरा कहते, और हम ही देवता बनते… तो सदा अपने एम ऑब्जेक्ट को सामने रख, चेक करते रहें, क्या हममें ऎसे गुण है? (खुशी, अतिन्द्रीय सूख, आदि), औरों को भी आप समान बनाते हैं?… यह सब सहज हो जाता याद की यात्रा से (जो बाबा हमें शान्तिधाम-सुखधाम ले जाते, एसी याद जो अंत में और कुछ याद न आए)

2. जबकि बाबा हमें इतनी ऊँची जबर्दस्त प्राप्ति कराते (और समय भी कम है), तो देह-सहित सबकुछ भूल उसकी याद में मग्न हो जाएँ… वह भी बहुत प्रेम से, तो ऊंच पद बन जाएँगा

3. अभी हम नम्बरवार पुरूषार्थी है, फिर वैकुण्ठ नई दुनिया के मालिक बनते… इसमें कोई संशय की बात नहीं, यह खेल तो बना हुआ है… हमारे ज्ञान-योग के हर कदम में पद्मों की कमाई है, धन भी सफल जरूर करना है 

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि बाबा ने हमारे लिए इतने wonderful चित्र बनवाए हैं, तो सदा गोला-झाड-सीडी को सामने रख, इसी नशे में रहे कि बाबा संगम पर हमें कितना ऊंच ते ऊंच दिव्यगुण सम्पन्न विश्व का मालिक बनाते… इसी नशे से ज्ञान-योग का तीव्र पुरूषार्थ कर सदा शान्ति प्रेम आनंद से भरपूर रह, सबको भी सम्पन्न करते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


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