संगमयुग के 25 नाम | 25 Names of Confluence Age

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बाबा कहते अगर इतना भी स्मृति में रहे, कि यह संगमयुग चल रहा है, तो यह भी मनमनाभव है, क्यूँकि इसमे सारा ज्ञान का सार समा जाता है… तो आज विशेष सतगुरूवार के दिन, आपको संगमयुग के 25 नाम भेज रहे हैं… इन्हें प्रेम से बाबा की याद में स्वीकार करना जी

संगमयुग के 25 नाम | 25 Names of Confluence Age

  • संगमयुग, Confluence Age
  • छोटा सा युग, लीप युग, धर्माऊ युग

भगवान का आना!

  • आत्मा और परमात्मा का संगम, मंगल मिलन मेला
  • सुहावना समय, मौजौं का युग

चढ़ना!

  • कल्याणकारी समय
  • चढ़ती कला का युग, उड़ती कला का युग

हीरे-तुल्य समय

  • पुरूषोत्तम युग, Diamond Age, हीरे-तुल्य युग
  • भाग्य बनाने का समय, कल्प-कल्प के recording का समय

परिवर्तन!

  • परिवर्तन का समय
  • कलियुग और सतयुग का संगम
  • कल्प का अमृतवेला

त्योहारों का सार

  • सच्ची होली… बाबा हमारी बुराईयों को खत्म कर, गुणों के रंगों से खेलना सिखाते हैं
  • सच्चा रक्षा-बंधन… बाबा हमें पवित्र की प्रतीज्ञा कराते
  • सच्ची दिवाली… बाबा हमारी ज्योति जगाते
  • सच्चा दशेरा… हम 5 विकारों रूपी रावण पर जीत पाते हैं
  • सच्चा गीता एपिसोड… भगवान् हमें सत्य गीता ज्ञान सुनाते

सार

तो अभी कितना श्रेष्ठ समय चल रहा है… तो चलिए आज सारा दिन, सदा यही स्मृति में रहे कि यह हीरे-तुल्य संगमयुग चल रहा है, भगवान आए हैं, हमें उनके संग में रहकर सदा उन्नति करते रहना है… तो हमारे इस श्रेष्ठ परिवर्तन से विश्व भी परिवर्तन हो सतयुग बन जाएंगा… ओम् शान्ति!

गीत: युगों में पुरुषोत्तम युग…


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Sakar Murli Churnings 27-03-2019

Sakar Murli Churnings 27-03-2019

1. भगवान है बिन्दु रूप जो हमें पावन बनाने आया है, तो वाणी से परे बाबा को याद करते रहना है, तब ही पावन सुखी बनेंगे… आँखों पर पूरी संभाल, समय का ध्यान रखना है… सर्वशक्तिमान बाबा हमारी कितनी रॉयल रूप से पालना कर रहे हैं, तो पूरा पुरूषार्थ करना है (अपने को आत्मा समझ बाबा को याद करने का)… सबको ईश्वरीय पैगाम भी देते रहना है

आज का वरदान!

2. मन से बाबा कहना है योग, और मुख द्वारा बाबा कहना है सेवा, यह है सबसे सहज विधि… तो सदा दिल से बाबा कहते, उसका प्रत्यक्शफल खुशी और शक्ति अनुभव करते रहे

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि बाबा हमारी सब तरह से इतनी श्रेष्ठ पालना कर रहे हैं, तो इसके रिटर्न में सदा ऊँची योगयुक्त स्थिति द्वारा शान्ति, प्रेम, आनंद का अनुभव करते रहे… तो स्वतः सेवा होती रहेंगी, सतयुग बनता रहेगा… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | मैं ताज-तख्त-तीलकधारी हूँ

योग कमेंटरी | मैं ताज-तख्त-तीलकधारी हूँ

बाबा ने मुझे… रूहानी अलौकिक… ताज-तख्त-तीलकधारी बना दिया है

मेरे मस्तक पर आत्मिक स्मृति का तिलक लगाकर… सदा सुहागिन… विजयी रत्न बना दिया है… मैं अकाल-तख्त-नशीन हूँ

बाबा ने अपने दिल-तख्त-नशीन बनाकर… मुझे स्वराज्य अधिकारी… सो विश्व राज्य अधिकारी बना दिया है

मुझ पवित्र आत्मा के… चारों ओर पवित्रता का आभामण्डल है… मैं लाइट का ताजधारी हूँ

विश्व कल्याण की जिम्मेदारी का ताज देकर… डबल ताजधारी बनाया है… अभी, सो सतयुग में

मैं दिव्य दर्शनीय मूर्त… साक्षात्कार मूर्त… बाबा की अति प्रिय आत्मा हूँ… ओम् शान्ति!


और योग कमेंटरी:

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योग कमेंटरी | मैं रूहानी आत्मा (कुमारी) हूँ | Avyakt Murli Churnings 24-03-2019

योग कमेंटरी | मैं रूहानी आत्मा (कुमारी) हूँ | Avyakt Murli Churnings 24-03-2019

मैं श्रेष्ठ आत्मा हूँ… सदा श्रेष्ठ कार्य करने वाली… विश्व कल्याणकारी हूँ

मैं रूहानी आत्मा हूँ… सदा आत्मिक स्थिति में स्थित… सबको आत्मिक दृष्टि से देखती… बाबा की रूहानी याद में रहती

मैं सम्पूर्ण पवित्रमहान आत्मा हूँ… सदा बाबा को साथ रखने वाली… मायाजीत हूँ

मैं सौ ब्राह्मणों से उत्तम… ईश्वरीय विश्व विद्यालय की… बेहद सेवाधारी हूँ

मैं देवी हूँ… सदा मुस्कुराती… दृष्टि-हाथों से सदा देने वाली… सबको सुख शान्ति प्रेम आनंद, सर्व खजा़नों से भरपूर करने वाली… ओम् शान्ति!

गीत: दानी बनो, वरदानी बनो…


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Sakar Murli Churnings 26-03-2019

Sakar Murli Churnings 26-03-2019

जो बच्चे अच्छा पढ़ते, बहुत प्रेम और खुशी से बाबा को याद करते, ऎसे अच्छे मीठे खुशबूदार फुलो को, जो serviceable कल्याणकारी है, उनको खुद बाबा याद करते वा sakash देते… तो देही-अभिमानी बन सच्चाई से अन्दर के भूतों को भगाना है, ज्ञान और योग की क्लास पर पूरा ध्यान देना है… ज्ञान रत्नों का दान कर, अपना सबकुछ ट्रान्सफर जरूर करना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… सत्यता में स्थित हो अर्थात अपने को आत्मा समझ बाबा को याद कर खुशियों में नाचते रहे… ऎसा खुशबूदार serviceable फूल को स्वयं बाबा sakash देते… तो इन शक्तियों से सम्पन्न हो, औरों को भी बांटते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

Sakar Murli Churnings 25-03-2019

Sakar Murli Churnings 25-03-2019

1. हम रॉयल बाप-कुल के रॉयल स्टूडेंट है, हमारे लिए बाबा हथेली पर स्वर्ग की सौगात लाएं हैं… तो उनकी श्रीमत अनुसार देह-भान-परे आत्म-अभिमानी बन बाबा को याद करना है, तो सारा कीचड़ा समाप्त हो खुशबूदार फूल बन जाएँगे .. ऎसा उपराम होना है, कि अंत में एक बाबा के सिवा और कुछ याद न आए… वह हमारी झोली भरते गुणवान बनाते, यही खुशी और नशा सहज ashariri बना देता…

2. ऎसी याद, पवित्रता और खुशी से औरों को बहुत प्रेम से समझाने से उनके भी आंखों में आंसू आ जाएंगे, कल्याण होगा… दो बाप का परिचय, बैज, ट्रेन में आदि समझाना हैै… विश्व कल्याणकारी बनना है

सार

हम रॉयल बच्चो के लिए बाबा स्वर्ग की सौगात लाए है, इसी स्मृति में सहज पुरूषार्थी बन बाबा के प्यार में योगयुक्त बन जाएँ… औरों का भी कल्याण करते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | निरहंकारी बनने | Becoming Egoless

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योग कमेंटरी | निरहंकारी बनने | Becoming Egoless

सदा स्वमान में स्थित… मैं निर्मान हूँ… अभिमान से मुक्त

सभी विशेषताएं बाबा की देन है… मैं निमित्त हूँ… सबकुछ वही करा रहा है

मैं भाग्यशाली हूँ… रोज़ बाबा का शुक्रिया मानता… हम क्या थे… हमें क्या से क्या बना दिया है

सबकी विशेषताएं देखते… शुभ भावना देते… मैं नम्र-चित्त बन गया हूँ

मैं निराकारी… निर्विकारी… निरहंकारी हूँ… बाबा की तरह… ओम् शान्ति!

गीत: बाबा कितने निरहंकारी…


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Singing the Song of God’s love | दिलारम की दिलरूबा के गीत | Avyakt Murli Churnings 24-03-2019

Singing the Song of God’s love | दिलारम की दिलरूबा के गीत | Avyakt Murli Churnings 24-03-2019

दिल के गीत!

  • हम सभी दिलाराम की दिलरूबा एक ही शब्द ‘बाबा’ के गीत गाते… वही हमारा संसार है, उससे ही हम सर्व सम्बन्धों की प्रीत अनुभव करते… वही हमारी दृष्टि, स्मृति, दिल, बोल में समाया हुआ है
  • फिर भी गीत का साज़ भिन्न- भिन्न नम्बरवार है… कोई उड़ने-उड़ाने खुशी के गीत गाते, कोई अभ्यास के… कोई की स्मृति की स्विच सदा ऑन होने कारण सदा गीत बजता रहता, कोई को बजाना पड़ता… कोई प्राप्ति के, तो कोई मेहनत-पुकार-दिलशिकस्त के

रूहानी चमत्कार!

हमारे भाग्य का सितारा चमक उठा है, हम ताज-तख्त-तीलकधारी बन गए हैं… जिसके बाबा भी गुणगान करते, और सारे विश्व के लिए example है… इसलिए यथार्थ पुरूषार्थ की विधि द्वारा शक्तिशाली सिद्धि स्वरूप, सिद्ध सहज योगी बनना… रूहानी अविनाशी सिद्धियों द्वारा रूहानी चमत्कार दिखाने है, जैसाकि:

  • ऎसे उड़ना है, जो औरों को भी पंख मिल उड़ने लगे
  • अप्राप्त के बदले सर्व प्राप्ति सम्पन्न बन नाचने लगे
  • ज्ञान का तीसरा नेत्र मिल, अपना श्रेष्ठ वर्तमान वा भविष्य देख सके
  • चिंता की चिता वा दुःखों को शैया से उठ खुशी के गीत गाने लगे
  • मांगने के बजाए सर्व खजा़नों के अधिकारी बन जाएँ

क्यूंकि सभी बहुत मेहनत करते हैं, एक प्राप्ति पूरी होते और इच्छाएं खड़ी हो जाती… तो उन्हें सर्व प्राप्ति सम्पन्न जरूर बनाना है

हम आत्माएं (कुमारीयां) कौन है?

  • रूहानी आत्मा अर्थात सदा रूह आत्मा की स्मृति में रहने वाले, देह-भान से माया तरफ गिरते और देही-अभीमानी बाबा तरफ खींचते हैं… बाबा से प्यार होने कारण, प्यार से मुरली सुनने याद करने से सहज सफलता मिलती… माया के आकर्षणों से सहज मुक्त रहते
  • भगवान के ज्ञान वा आज्ञा पर पवित्र बनने कारण हमारी पवित्रता वा महानता 21 जन्म चलती है… हम बाबा के बन गए, अब माया के आगे झुकना नहीं है, पक्का बन सदा खुशी में शक्तिशाली रहना है
  • श्रेष्ठ आत्माएं अर्थात श्रेष्ठ कार्य अर्थात विश्व कल्याण के निमित्त, सारे विश्व के कुल का उद्धार करने वाले… बाबा सदा साथ है, डरने की कोई बात नहीं… हम तो बच गए, सदा इसी खुशी और नशे में हमें है
  • हम ईश्वरीय विश्व विद्यालय की आत्माए, सो ब्राह्मणों से भी उत्तम ही… सदा सेवाधारी बाबा के राइट हैंड है… निर्बंधन भाग्यवान पूज्य है
  • बाबा ने हमें देवी अर्थात सदा सुख देने वाली, मुस्कुराती बन दिया है… दासी के बजाए देवी

सार

तो चलिए आज सारा दिन… स्मृति की स्विच ऑन कर सदा बाबा के प्यार के गीत गाते, उनके प्यार में ऎसा सम्पूर्ण समा जाएं, कि हमसे बाबा ही दिखाई दे… इसी यथार्थ पुरूषार्थ की विधि द्वारा सर्व सिद्धि स्वरूप बन, रूहानी चमत्कार करने हे, अर्थात सभी को सर्व प्राप्ति सम्पन्न सुखी बनाना है… तो हम बहुत ही जल्द खुुशीयों की दुनिया सतयुग स्थापन करने के निमित्त बन … ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | पवित्रता का अनुभव | Experiencing Purity

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योग कमेंटरी | पवित्रता का अनुभव | Experiencing Purity

मैं परम पवित्र आत्मा हूँ… पवित्रता के सागर की सन्तान… सम्पूर्ण पवित्र ब्रह्मा बाबा की भी सन्तान हूँ

मेरी दृष्टि सिर्फ विशेषताएं देखती… वृत्ति सर्व के लिए शुभ भावनाओं से सम्पन्न है… कर्म अलौकिक और दिव्य है

चेहरा हर्षित… बोल मधुर… व्यवहार सुखदाई… सबके लिए सम्मान से भरपूर है

बाबा ने मुझे श्रेष्ठ स्मृतियों से सम्पन्न कर दिया है… मैं देव-कुल की महान आत्मा… पूज्य… विश्व कल्याणकारी हूँ

मेरा अनादि-आदि काल सम्पूर्ण पवित्र था… पवित्रता मेरी वास्तविकता है… अब फिर पावन बन… सारे विश्व को पावन बनाना है… ओम् शान्ति!

गीत: तन एक मंदिर हो…


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Sakar Murli Churnings 23-03-2019

Sakar Murli Churnings 23-03-2019

1. बाबा के फरमान अनुसार अपने को आत्मा (अविनाशी आत्मा शरीर द्वारा पार्ट बजा रहे हैं) समझ बाबा को याद करना है (जिसके साथ हमारी सगाई हुई है), तो विकर्म विनाश पाप कट हो सतोप्रधान बन जाएँगे… तो सुखी हो मुक्ति-जीवनमुक्ति को पा लेंगे

2. इसमें मजबूत होने अपना सच्चा-सच्चा चार्ट रखना, दही-अभिमानी हो अपने को सुधारने का पुरूषार्थ करना है

3. ऎसे पक्के योगी बन औरों को समझाने से तीर लगेगा, उनका कल्याण होगा… अल्फ बाबा का परिचय मुख्य है, जिनकी बहुत महिमा करनी है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… अपना सम्पूर्ण पवित्र अनादि-आदि काल स्मृति में रख, सदा बाबा की यादों में अतिन्द्रीय सुख में नाचते रहे… औरों को भी सुखी बनाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!