योग कमेंटरी | मैं माला का मणका हूँ | I’m a bead of the rosary

योग कमेंटरी | मैं माला का मणका हूँ | I’m a bead of the rosary

मैं माला का मणका हूँ… विजयी रत्न… पूज्यनीय

बाबा माला का मेरु है… बहुत-बहुत प्यारा है… उनकी याद की शक्ति, मुझे मायाजीत बनाती

मैं बाबा के बिल्कुल समीप… बाप-समान स्थिति में स्थित हूँ… मेरे वाइब्रेशन सारे विश्व की पालना करते है

सभी मुझे याद करते… मुझे सबकी आशाओं को पूर्ण कर… सबका कल्याण करना है

आसपास सभी भी माला के मणके है… देव कुल की महान आत्माएं है… मुझे उन्हें बहुत-बहुत सम्मान देना है… ओम् शान्ति!


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The divine lottery! | Sakar Murli Churnings 04-05-2019

The divine lottery! | Sakar Murli Churnings 04-05-2019

1. भक्ति में बहुत कुछ किया, अब बाप आकर सम्पूर्ण ज्ञान देकर सार समझाते, कि सिर्फ बाबा को याद करना है… इससे ही विकर्म विनाश होंगे, सुधरेंगे, दिव्यगुण धारण होते रहेंगे, इन्कम होगी

2. इस पुरुषोतम संगमयुग पर हमें ईश्वरीय लॉटरी मिली है, बाबा हमें देवता विश्व का मालिक एवर-हेल्थी बनाते… तो ज़रा भी टाईम वेस्ट नहीं करना है, माया ही देह-भान में लाए, टाईम वेस्ट कराती… इसलिए सदा याद में रहना है, तो समय सफल होता रहेंगा

सार 

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि हमें ईश्वरीय लॉटरी मिली है, तो हर पल ज्ञान-योग में मस्त रह सदा शान्ति प्रेम आनंद की शक्तिशाली अनुभुती करते, दिव्यगुण-सम्पन्न श्रेष्ठ पद के अधिकारी बनें… औरों को भी श्रेष्ठ बनाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

शान्ति अनुभव करने के 111 संकल्प | 111 Thoughts for experiencing Peace

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शान्ति अनुभव करने के 111 संकल्प | 111 Thoughts for experiencing Peace

शान्ति आत्मा का मुख्य गुण है, जिसके आधार से ही प्रेम, सुख, आनंद, शक्तियों स्थाई रहती… और हम ओम् शान्ति वाले, शान्ति के लिए ही जाने जाते… तो आज आपको शान्ति अनुभव करने के 111 संकल्प भेज रहें हैं… इन्हें बहुत खुशी से, बाबा की याद में स्वीकार करना जी!

मैं शान्त-स्वरूप हूँ!

  • मैं शान्त, शान्त-स्वरूप आत्मा हूँ… ओम् शान्ति… शान्ति मेरा स्वधर्म, निजी गुण, अनादि संस्कार, गले का हार है… मेरी शक्ति है
  • I am Peace, Peaceful, Peaceful Soul, Peace is my original nature… Patient, Calm, Relaxed, Silent, Light, Cool

मैं शान्ति के सागर की सन्तान हूँ!

  • उनकी शान्ति की किरणें-लहरें-वाइब्रेशन-प्रकंपन मुझ पर पड़ रही है… मैं शान्ति अनुभव कर रही हूँ… शान्ति से भरपूर-सम्पन्न हो रही हूँ, हो चुकी हूँ… मुझे सच्ची शान्ति, शान्ति का भण्डार-खज़ाना मिल गया है… शान्ति ही शान्ति है… मैं मास्टर शान्ति का सागर-सूर्य हूँ
  • मेरे चारों ओर शान्ति को किरणें फैल रही है… वायुमण्डल शान्त हो, सबको शान्ति के प्रकंपन मिल रहे हैं, मेरा स्थान शान्ति कुण्ड बन चुका है…

मैं शान्तिधाम की रहवासी हूँ!

निर्वाणधाम, आवाज़ से परे, मेरे चारों ओर शान्ति ही शान्ति है… Sweet Silence… Dead Silence… बेहद चेन-सुकून-विश्राम-आराम अनुभव हो रहा है… इस मुक्तिधाम में, मैं सम्पूर्ण-मुक्त, निर्बंधन, स्वतंत्र, आजाद, उड़ता पंछी हूँ

मैं शान्ति की दुनिया स्थापन करती हूँ!

मैं शान्ति दूत, शान्ति का फरिश्ता, शान्ति का अवतार, शान्ति देवा, शान्ति दाता हूँ… सबको शान्ति का पैगाम, सन्देश दे… शान्ति की दुनिया (अथवा विश्व में शान्ति) स्थापन करती हूँ

शान्ति-दाता!

सबका स्वधर्म शान्त है… सब शान्ति चाहते, सब को शान्ति मिले, सभी शान्ति से भरपूर हो, शान्त रहे… मैं सबको शान्ति का वरदान-अंचली-सहयोग दे रही हूँ

शान्ति बढ़ाने के लिए और संकल्प

  • जो हुआ अच्छा, जो हो रहा और अच्छा, और जो होने वाला वह और भी अच्छा… ड्रामा accurate-कल्याणकारी है, कोई बड़ी बात नहीं, बाबा मेरे साथ है… मैं निश्चिंत, भय-मुक्त, बेफिक्र, निर्संकल्प हूँ
  • मेरा मन शान्त, बुद्धि स्थिर (श्रीमत मिल गई है, अभी दूसरा कोई संकल्प नहीं, एक बल एक भरोसा), संस्कार शीतल है, चित्त मौन है … मैं मायाजीत हूँ… मेरा तो एक बाबा, दूसरा ना कोई
  • मैं धैर्यता-सम्पन्न शीतल हूँ… मेरे संकल्प धीरे, बोल कम है
  • मैं शान्त-चित्त, क्रोध-मुक्त, आशा-वादी, निश्चय-बुद्धि हूँ
  • मैं पुरानी देह-दुनिया-वस्तु-व्यक्ति से परे-न्यारी-उपराम हूँ… अशरीरी-विदेही हूँ… देह की चंचलता समाप्त, मैं बिल्कुल शान्त हो चुकी हूँ
  • पास्ट बीत गया, मुझे वर्तमान सुन्दर बनाना है, भविष्य तो स्वर्णिम है ही… सिर्फ़ थोड़ा समय है… बाबा मुझे धीरज दे रहे हैं… धीरज धर मनुआ

सार

तो चलिए आज सारा दिन… इन्हीं संकल्पों को दोहराते, बहुत शान्ति-सुख-हल्केपन का शक्तिशाली अनुभव करते रहे… औरों को भी ऎसी श्रेष्ठ शान्ति की अनुभूति कराते, विश्व में शान्ति का राज्य सतयुग स्थापन कर ले… ओम् शान्ति!

1) गीत: शान्ति सागर की लहरें…

2) गीत: शान्ति की शक्ति से…


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The power of love! | Sakar Murli Churnings 03-05-2019

The power of love! | Sakar Murli Churnings 03-05-2019

1. सबको समझाना है, बेहद का बाप आए हैं बेहद का वर्सा देने… बाकी माया से युद्ध तो है ही, ज्ञान के अस्त्र-शस्त्र से सदा विजयी फूल बनना है… इसके लिए मुख्य है बाबा से प्यार, तो सदा प्यार से उसकी याद-सेवा में busy रहना है, जिससे हेल्थ-वेल्थ सम्पन्न बनते

2. हम ऑल-राउंड पार्ट बजाने वाले हैं, अब सर्वश्रेष्ठ पूज्य बाबा आए है, हमें मालामाल श्रेष्ठ-पद वाला बनाने… जिसकी भक्ति में माला जपते थे, वही कहते मुझे याद करो, तो पावन राजाई में पहुंच जाएंगे… धन भी सफल जरूर करना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि हमें प्यार का सागर मिल गया है, तो ऎसे उसके बेहद प्यार में समाएँ-डूबे रहे, कि उसमे सारी कामज़ोरियां समाप्त-स्वाहा हो… हम सदा शान्ति प्रेम आनंद से भरपूर रह, औरों को भी सम्पन्न बनाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | हॉस्पिटल (OPD) मैं बैठे

योग कमेंटरी | हॉस्पिटल (OPD) मैं बैठे

सभी बाबा के बच्चे… आत्माएँ है… सभी स्वस्थ हो जाए… बाबा की किरणें उन पर पड़ रही है

सभी धैर्यवत हो… हॉस्पिटल का वातावरण शान्त-श्रेष्ठ बन रहा… सभी जल्दी-जल्दी ठीक हो रहे हैं

सभी मुझे देख रहे… मैं बिल्कुल शान्त, हल्की, निश्चिंत हूँ… मेरे चेहरे पर ईश्वरीय खुशी चमक रही है

मैं सबको सम्पूर्ण स्वास्थ्य का वरदान दे रही हूँ… सभी सदा के लिए स्वस्थ… सुखी हो जाएं

बाबा मेरा सुप्रीम सर्जन है… मैं बेफिक्र हूँ, बाबा मेरे साथ है… उनकी याद में रह, रूहानी कमाई जमा कर रही हूँ

मैं अशरीरी हूँ… चारों ओर शान्ति की किरणें फैल रही है… मैं बाबा को याद कर रही… शक्तिशाली किरणें फैल… सारे विश्व को स्वस्थ बना रही है… विश्व स्वर्णिम बन रहा… ओम् शान्ति!


और योग कमेंटरी:

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Our illustrious life! | हीरे-तुल्य जीवन | Sakar Murli Churnings 02-05-2019

Our illustrious  life! | हीरे-तुल्य जीवन | Sakar Murli Churnings 02-05-2019

1. आत्मा ही सबकुछ करती तो आत्मा-अभिमानी रह अपने बाप-टीचर-गुरु बाबा को याद करना है… आपस में सेवा की चित-चैत जरूर करनी है (क्या प्रश्न पूछे, क्या रिस्पॉन्स मिला, आदि), भोजन के बाद का समय अच्छा है… बहुत खुशी में रहना है, और ज्ञान समझाना है

2. बाबा प्रेरणा से नहीं समझाते (हम कैच नहीं कर पाते), इसलिए रथ जरूर चाहिए… जिन्होने 84 जन्म लिए है, उनके ही लास्ट जन्म की वनप्र्‍सथ अवस्था में प्रवेश कर, नाम रखते प्रजापिता ब्रह्मा, जिनके द्वारा प्रजा रचते

3. बाबा आए है साकार में, उनके संग में रहने से परिस्तान पहुंच जाते, बाकी तो कब्रिस्तान है जो विनाश होना है… ऎसी सर्वश्रेष्ठ शिक्षाएं देकर बाबा ने हमारा जीवन हीरे-तुल्य बनाया है… हम ईश्वरीय सन्तान है, बाबा हमें पावन रजाई देते, तो उनको याद जरूर करते रहना, आत्म-अभिमानी बनकर

4. अब सिर्फ कुछ ही समय है, इसलिए पवित्रता-ज्ञान-योग के बल द्वारा नई दुनिया में श्रेष्ठ पद जरूर प्राप्त करना है 

सार 

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि बाबा हमारी जीवन हीरे-तुल्य बना रहे, तो हम भी थोड़ा सा ज्ञान-योग का पुरूषार्थ कर अपनी दिनचर्या श्रेष्ठ कर, सदा दिव्यगुण-सम्पन्न बन… सबको भी आप समान बनाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

गीत: हीरे जैसा मिला है जीवन…

योग कमेंटरी | मैं सच्ची सेवाधारी हूँ | I’m a true server

योग कमेंटरी | मैं सच्ची सेवाधारी हूँ | I'm a true server image

योग कमेंटरी | मैं सच्ची सेवाधारी हूँ | I’m a true server

मैं सच्ची सेवाधारी हूँ… मेरा बाबा भी निष्काम… विश्व-सेवाधारी है

सदा करन-कारावनहर बाबा की स्मृति में… मैं निमित्त-भाव से सम्पन्न… निर्मान, नम्र-चित्त हूँ… निर्मल वाणी से सेवा करती

मेरा हर पल सफल हो रहा… रूहानी कमाई जमा हो रही… सबकी दुआओं से भरपूर हो गई हूँ

सेवा भाग्य की श्रेष्ठ लिफ्ट है… बाबा का बहुत-बहुत शुक्रिया है… मुझे अपनी सेवा के योग्य समझा

सभी विशेषताएं प्रभु प्रसाद हैं… सेवा भी उसकी है… उसके बच्चों की

मैं अथक… एवर-रेडी… ऑल-राउंड सेवाधारी हूँ… हाँ-जी का पाठ पक्का करने वाली… ओम् शान्ति!


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The priceless study! | Sakar Murli Churnings 01-05-2019

The priceless study! | Sakar Murli Churnings 01-05-2019

1. बाप खुद हमारा ट्यूशन करते हैं बड़ी आसानी से, सिर्फ कहते तुम आत्मा हो, और बाप को याद करो, तो वाणी से परे पहुँच, फिर सूर्यवंशी राज्य में आ जाएँगे

2. बाबा हमारी जीवन हीरे-तुल्य देवताई बनाते, बिल्कुल मुफ्त… बच्चा जब जन्मता, तो स्वतः वर्से के हकदार बन जाता, खर्चा तो बाप करते… हमें सिर्फ पवित्र बन ज्ञान-रत्नों को धारण करना है… यदि अधिक धन है, तो अपना भाग्य बनाने सेवा में भी जरूर लगाना है

3. जितना बाबा को याद करते उतना पावन बनते, पावन दुनिया में ऊंच पद पाते… जो देवी-देवता बनने होंगे, वह आ जाएँगे… अखबार में भी डाल सकते, बाबा आएं है प्रजापिता ब्रह्मा द्वारा हमें लक्ष्मी-नारायण बनाने, याद की यात्रा से… निश्चय-बुद्धि बन श्रीमत पर चलते रहना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि भगवान् हमें ऎसी सर्वश्रेष्ठ पढ़ाई पढ़ाते कि उसका मूल्य भी नहीं लगा सकते, तो इन सभी ज्ञान रत्नों को ऎसे चिन्तन-अभ्यास द्वारा अपने में धारण करे, कि जन्म-जन्मांतर हम गुण-शक्तियों के अविनाशी धन से सम्पन्न रह… औरों को भी सम्पन्न करते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

गीत: बाबा तेरी मीठी मुरली की धुन…

योग कमेंटरी | शीतलता का अनुभव | Experiencing Coolness

योग कमेंटरी | शीतलता का अनुभव | Experiencing Coolness

मैं देह से detach … न्यारी, उपराम हूँ… इस देह-भान रूपी गरम हवा से परे

मैं आत्मा बिल्कुल शीतल… शान्त-चित… सतोगुणी हूँ

मेरा मन शीतल, निर्मल… प्रेम और शुभ भावनाओं से सम्पन्न है

मेरी आँखें शीतल… बोल मधुर… कर्म अलौकिक है

मैं शीतला देवी हूँ… सबको शीतलता प्रदान कर… शान्ति का वरदान देती हूँ… ओम् शान्ति!


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The dance of knowledge! | ज्ञान डांस | Sakar Murli Churnings 30-04-2019

The dance of knowledge! | ज्ञान डांस | Sakar Murli Churnings 30-04-2019

1. सबका पार्ट अपना-अपना है… बाबा का पार्ट है spiritual नॉलेज देना (ज्ञान डांस)… और हमारा पार्ट है घर-गृहस्थ में रहते आत्मा-अभिमानी वा बाबा को याद कर पावन सतोप्रधान पूज्य बनना

2. बाबा को ज्ञान के शौकीन, योगी, गुणवान, निश्चयबुद्धि बच्चे बहुत पसंद है… जितनी सेवा करते, उतनी ऊँची प्राइज़ अर्थात सतयुग का पद मिलता है

3. बाबा आएं है (शान्तिधाम से) आदि सनातन देवी-देवता धर्म की स्थापना करने, इसी लिए हमें सर्वोत्तम ब्राह्मण कुल का बनाया है, तो दैवीगुण जरूर धारण करने है

4. हम पवित्र राजयोगी है, हम सबकुछ भूल अपने को आत्मा समझ बाबा को याद करने से सम्पूर्ण पवित्र बन स्वर्ग का द्वार खोलते

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि हमें सम्पूर्ण ज्ञान मिल गया है, तो सदा ज्ञान-चिन्तन द्वारा योगयुक्त रह अतिन्द्रीय सुख में नाचते रहे… औरों को भी खुशी बांटते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!