Accepting Baba’s Welcome | Sakar Murli Churnings 13-04-2019

Accepting Baba’s Welcome | Sakar Murli Churnings 13-04-2019

1. श्रीमत अनुसार पतित-पावन बाबा को याद करने से आत्मा पावन बनती, और (साथ में चक्र घुमाने से) स्वतः समझदार, सुखी, धनवान, विश्व का मालिक बनते

2. हमारा बहुत ऊंच कुल हैै, जिन्हे इस संगम पर सच्चा सत का संग मिला हैै… तो इस माया की खारी चैनल, 5 विकारों रूपी रावण से बचे रहना है, पवित्र जरूर बनना है…

3. बन्धन-मुक्त बन सर्व का कल्याण करते रहना है, दिव्यगुण धाण करने है, लक्ष्य हो कि मन्सा-वाचा-कर्मणा किसी को दुःख नहीं देना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि बाबा स्वयं हमारा स्वागत (अर्थात सद्गति) करने आए हैं, तो हम भी उनके ज्ञान-योग को अपने जीवन में ऎसा स्वागत करे… कि सदा श्रेष्ठ स्थिति के अनुभवी दिव्य गुण-सम्पन्न बन, हम सबको आप समान बनाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | बाबा, मेरा सुप्रीम टीचर

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योग कमेंटरी | बाबा, मेरा सुप्रीम टीचर

मैं Godly Student हूँ… स्वयं भगवान् मुझे पढ़ाते… सुप्रीम टीचर बनकर

दूर-देश परमधाम से आते, खास मेरे लिए… मुझे रोज़ पढ़ाते… ज्ञान रत्नों से श्रृंगारते हैं

बाबा knowledgeful… ज्ञान का सागर है… मेरी ज़ोली भी ज्ञान रत्नों से भरपूर कर… मास्टर ज्ञान सागर बना दिया है

मुझे अपने से भी बेहतर जानते… मेरे आज के सारे दिन के लिए… सर्वश्रेष्ठ मत देते हैं

बाबा त्रिकालदर्शी है… मेरा आने वाला भविष्य भी जानते … उसी अनुसार मत देते हैं…

मुझे सच्ची दिल से उनकी शिक्षाएं धारण करनी है… सदा सुरक्षित… और पद्मापद्म भाग्यवान बनने लिए… ओम् शान्ति!

गीत : भगवान् तुम्हारा ज्ञान सिमरकर…


और योग कमेंटरी:

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Coming first in Satyuga | Sakar Murli Churnings 12-04-2019

Coming first in Satyuga | Sakar Murli Churnings 12-04-2019

1. बाबा आए है सारी पुरानी दुनिया का जगदा-हाहाकार मिटाकर जयजयकार अथवा विश्व में शान्ति स्थापन करने… तो हममें तो khitpit जरूर नहीं होनी चाहिए…

2. सबकुछ खत्म होने से पहले, ब्रह्मा बाप समान पूरा बेगर बन सच्चा योगी बनना है… हम तो पद्मापद्म भाग्यशाली है, जो स्वर्ग का सम्पूर्ण सुख देखेंगे

सार

तो चलिए आज सारा दिन… सतयुग में पहले-पहले आकर सम्पूर्ण सुख देखने लिए, ऎसा श्रेष्ठ योगयुक्त बन जाएँ… तो न सिर्फ हमारी अब की स्थिति सदा श्रेष्ठ रहेंगी, परन्तु औरों को भी श्रेष्ठ अनुभवी-धारणामूर्त बनाकर, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

सूक्ष्मवतन का अनुभव करने लिए 150 संकल्प | 150 thoughts for experiencing the Subtle World

सूक्ष्मवतन का अनुभव करने लिए 150 संकल्प | 150 thoughts for experiencing the Subtle World

सूक्ष्मवतन में फरिश्ता स्वरूप की अनुभुती करना और बापदादा मिलन मनाना… हमारे इस सहज राजयोगी जीवन के बहुत सुन्दर, आनंद-मय, सहज अभ्यास है

तो इन्हें और सहज करने, आज आपको सूक्ष्मवतन का अनुभव करने लिए 150 संकल्प भेज रहे हैं… इस विशेष सतगुरूवार की सौगात को बहुत प्यार से बाबा की याद में स्वीकार करना जी!

सूक्ष्मवतन का अनुभव

  • आकाश से ऊपर, सूर्य-चंद्र-तारागण-अन्तरिक्ष से भी पार… यह सफेद प्रकाश की दुनिया है… चारों ओर प्रकाश ही प्रकाश है, जैसे हजारों चंद्रमा की रोशनी
  • यह सूक्ष्मवतन, सूक्ष्म लोक, अव्यक्त वतन… आकारी दुनिया, Subtle World, Subtle Region… मूवी वर्ल्ड है
  • यहां कोई आवाज नहीं, संकल्पों-इशारों की भाषा है
  • कोई स्थूलता नहीं, 5 तत्व, हड्डी-मास आदि … फरिश्तों की दुनिया है

फरिश्ता स्वरूप!

  • मैं फरिश्ता, angel हूँ
  • मेरा सूक्ष्म आकारी चोला, लाइट का कार्ब, प्रकाशमय काया, चमकीली ड्रेस, energy body, aura है
  • मैं हल्का, डबल लाइट हूँ… पारदर्शी हूँ, मुझे कोई छू भी नहीं सकता… बन्धन-मुक्त, निर्बंधन, स्वतन्त्र, आजा़द, उड़ता पंछी हूँ
  • मैं व्यक्त भान से परे, व्यक्तियों से भी परे, अव्यक्त स्थिति में स्थित… बिल्कुल शान्त हूँ
  • मैं उड़ती कला अर्थात सदा शान्ति, प्रेम, आनंद की अनुभवी हूँ
  • मैं ईश्वरीय ज्ञान, गुण, शक्तियों, नशे से सम्पन्न हूँ… ब्रह्मा बाप-समान सम्पन्न-सम्पूर्ण हूँ
  • मेरे चारों ओर लाइट फैल रही है… मैं लाइट हाउस, माइट हाउस फरिश्ता हूँ
  • मैं सबको शुभ भावना, दुआ, आशीर्वाद, वरदान देता हूं… बाबा का राइट हैड हूँ
  • मैं अर्श निवासी फरिश्ता, सूक्ष्मवतन से अवतरित हुआ हूँ… सब का कल्याण, विश्व कल्याण के लिए, सतयुग स्थापन करने
  • फ़र्श से कोई रिश्ता नहीं, सर्व रिश्ते एक बाप से.. देह-दुनिया से परे, न्यारा, उपराम, अनासक्त, ऊंच, अलौकिक हूँ

बापदादा का अनुभव!

  • बापदादा परम-फरिश्ता है, ज्ञान सूर्य-चंद्रमा कम्बाइन्ड है, लाइट स्वरूप
  • उनकी सूक्ष्म उपस्थिति, बहुत सुखदाई वाइब्रेशन अनुभव हो रहे हैं
  • मुझे बुला रहे हैं… देख रहे हैं, दृष्टि दे रहे हैं… वरदानी हाथ सिर पर है, विजय का तिलक लगा रहे हैं
  • मेरे हाथों में हाथ है, उनका साथ अनुभव कर रहा हुँ, सर्व सम्बन्धों से (मात, पिता, शिक्षक, सतगुरु, बड़ा भाई, सखा, साजन, सर्जन, बच्चा)
  • मुझे प्यार-पुचकार-दुलार देते… मैं बाबा को थैंक्स कहता… सारे बोझ दे देता… समर्पित हो जाता
  • बाबा ने मुझे ताज-तख्त-तीलकधारी बना दिया है… अपना सिरमोर, मस्तक मणि, नैनों का नूर, गले का हार, दिल-तख्त-नशीन, भुजा बना दिया है

ग्लोब को सकाश

  • मैं पूरे ग्लोब को सकाश दे रहा हुँ… बाबा के साथ घूमकर…
  • सबका भला हो, कल्याण हो, आगे बढ़े, प्रगति हो, सफलता मिले… शांत, खुश, सन्तुष्ट, सुखी रहे… दुःख-दर्द-पीडा़-तकलीफ-बीमारी-क्लेश से मुक्त हो… उनका भी प्रभु मिलन हो जाएँ, वर्से के अधिकारी बन जाएँ, जन्म-जन्मान्तर के लिए

भिन्न-भिन्न समय

  • भोजन पहले… मैं बापदादा को भोग स्वीकार करा रही हूँ, उनके मस्तक से पवित्र किरणें भोजन पर पड़ रही है
  • भोजन करते… मैं बाबा को खिला रही हूँ, बाबा मुझे खिला रहे हैं
  • रात को… बाबा ने मेरा लाइट का बिस्तर तैयार किया है, उनकी गोद में सो जाता हूँ, बाबा हाथ फेर रहे हैं
  • सुबह… बापदादा को गुड़मॉर्निंग

और कोई संकल्प आए तो… (उस योग-अभ्यास के कुछ मिनटों में)

  • पास्ट / समस्याओं के विचार…. कुछ देर बाद सोचेंगे
  • कोई देहधारी की याद… वह आत्मा है, बाबा के बच्चे, फरिश्ते है… मुझे बाबा के साथ रहना है… उन्हें देना है
  • स्थूल दुनियावी बातें… मैं तो सूक्ष्मवतन में हूँ
  • देह की बातें… मैं तो फरिश्ता हूँ
  • व्यर्थ बातें… मुझे तो ज्ञान-चिन्तन करना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… इन सुन्दर संकल्पों के अभ्यास द्वारा बिल्कुल हल्के, शान्ति प्रेम आनंद की अनुभूति से भरपूर रहे… इन्हें औरों को भी शुभ-भावना दुआओं द्वारा बांटते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!


बहुत सुन्दर विडियो योग कमेंटरी – फरिश्ता स्वरूप की अनुभूति – Sheilu Behn

https://youtu.be/RINyKmZ_hBY

1) गीत: फरिश्ते है हम…

2) गीत : फरिश्ता रूप रचकर…

3) गीत: मेरे मन फरिश्ता बन…

4) गीत: एक फरिश्ता आया है…

Remaining seated on God’s heart-throne! | बाबा के दिल-तख्त-नशीन | Sakar Murli Churnings 11-04-2019

Remaining seated on God’s heart-throne! | बाबा के दिल-तख्त-नशीन | Sakar Murli Churnings 11-04-2019

1. श्री श्री बाबा दाता बन आएं है, हमें विश्व का मालिक बनाते, श्रेष्ठ रास्ता-डायरेक्शन-श्रीमत देते (पास्ट का चिन्तन छोड़ो, मामेकम् याद करो, आदि)… इसलिए कुछ भी मांगने आदि की दरकार नहीं

2. (भल दिखने में साधारण है, लेकिन) यह ईश्वरीय विश्व विद्यालय है, जहां स्वयं भगवान Spiritual knowledge दे मनुष्य से देवता बनाते हैं… इसमें घर-गृहस्थ में रहते, सिर्फ बाबा और चक्र को याद करना है, तो स्वर्ग की बादशाही के मालिक बन जाएँगे…दिव्यगुणों की धारणा और सेवा भी अवश्य करनी है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… मैं Godly स्टूडेंट हूँ, इसी स्मृति में रह हर सब्जेक्ट में बाबा की दिल-पसंद मार्क ले बाबा के दिल-तख्त-नशीन बन जाएँ… और सबका प्यार-सम्मान पाने योग्य बन दिल-तख्त-नशीन सो विश्व-राज्य-तख्तनशीन बने और बनाएं … ओम शान्ति!

बाबा को थैंक्स कहने की 111 विधियाँ | 111 ways of saying thanks to Baba | Sakar Murli Churnings 10-04-2019

बाबा को थैंक्स कहने की 111 विधियाँ |  111 ways of saying thanks to Baba | Sakar Murli Churnings 10-04-2019 image

बाबा को थैंक्स कहने की 111 विधियाँ | 111 ways of saying thanks to Baba | Sakar Murli Churnings 10-04-2019

गीत: किन शब्दों में आपका धन्यवाद करे…

आज मुरली के अन्त में बाबा को थैंक्स देने की बात चली थी… तो आज आपको बाबा को सच्चा-सच्चा थैंक्स कहने की 111 विधियाँ भेज रहे हैं… इन्हें प्रेम से स्वीकार करना जी!

अपना लक्ष्य प्राप्त करना!

  • बाप समान, सम्पन्न, सम्पूर्ण, समीप, अव्यक्त, फरिश्ता बनना
  • विकर्माजित, मायाजीत, कर्मातीत, व्यर्थ-मुक्त (फीलिंग-प्रूफ, रोना-मुक्त), विकार-जीत (काम-जीत, क्रोध-मुक्त, लोभ-जीत, मोह-जीत, अहंकार-मुक्त)
  • ज्ञानवान, गुणवान, शक्तिवान, सदा श्रेष्ठ स्थिति (श्रेष्ठ चेहरा, चलन, सदा खुश, सदा सन्तुष्ट)
  • अपना श्रेष्ठ परिवर्तन, बुराई छोड़ने की प्रतीज्ञा, श्रेष्ठ गुण धारण करने का वायदा

श्रीमत की पालना!

  • दिनचर्या….
    • रोज़ अमृतवेला (उठना और शक्तिशाली याद)
    • रोज़ मुरली (सेन्टर पर, रेग्युलर, punctual, attentive, बाबा के कमरे में जाना, बातें करना वा चिट्ठी लिखना)
    • चिन्तन, attention, ट्रेफिक कंट्रोल, भोजन याद में, नुमाशाम योग
    • सोते वक्त… चार्ट, थोड़ी मुरली फिर याद कर बाबा की गोद में सोना
  • दृष्टि … आत्मिक, गुणग्राही, शीतल
  • वृत्ति … शुभ-भावना सम्पन्न, अनासक्त, उपराम
  • कृति / कर्म … दिव्य, अलौकिक, प्रेरणादायी
  • बोल … कम, धीरे, मीठे, आवश्यक, योगयुक्त, युक्तियुक्त
  • संकल्प … शान्त, शक्तिशाली, ज्ञान-युक्त, आनंद-मय

सच्चाई सफाई!

  • आज्ञाकारी, वफादार, फरमानवरदार, सपूत, ईमानदार… निश्चय-बुद्धि, समर्पण-भाव, बाबा से सच्चा रहना… नियम, मर्यादाओं पर चलना… तीव्र पुरूषार्थी बनना
  • स्नेही, सहयोगी, सहजयोगी, यज्ञ-रक्षक बनना
  • बाबा से सर्व सम्बन्ध निभाना (मात, पिता, शिक्षक, सतगुरु, बड़ा भाई, सखा, साजन, सर्जन, बच्चा)
  • योग करना, योगी बनना, बाबा को साथ रखना, देही-अभिमानी बनना… निरन्तर योगी, स्मृति-स्वरूप बनने का लक्ष्य
  • सेवा करना, बाबा का परिचय देना, निरन्तर सेवाधारी, सुखदाई, कल्याणकारी बनना… सबको आगे बढ़ाना, पालना करना… अथक, एवर-रेडी, ऑल-राउंडर, हाँ-जी का पाठ पक्का, निमित्त, निर्माण, नम्र-चित, regard देना

सार

वास्तव में बाबा को थैंक्स करने की सारी विधियों में हमारा ही कल्याण है (वा सर्वश्रेष्ठ भाग्य बनता), बाबा को तो कुछ नहीं चाहिए… तो चलिए आज सारा दिन, ऎसे सर्वोत्तम समय को इतना श्रेष्ठ सफल करे, जिससे न सिर्फ हम श्रेष्ठ बनते, सबको भी श्रेष्ठ बनाकर, सतयुग स्थापन कर लेते हैं… ओम् शान्ति!

गीत: हज़ारों धन्यवाद है…


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Getting absorbed in God’s love | Sakar Murli Churnings 10-04-2019

Getting absorbed in God’s love | Sakar Murli Churnings 10-04-2019

1. इस पुरुषोतम संगमयुग पर स्वयं पतित-पावन सुखकर्ता अमरनाथ बाप ब्रह्मा-तन में आकर हमें सृष्टि के आदि-मध्य-अंत का ज्ञान वा राजयोग सीखाकर पावन अमरपूरी का मालिक बनाते

2. तो पूरा निश्चय चाहिए मैं आत्मा हूँ, और स्वयं निराकार परमात्मा मुझे पढ़ाते हैं, इसी स्मृति से ज्ञान घृत से भरपूर हो सदा मायाजीत रहना है… माया-झमेले तो अन्त तक आएंगे, हमें अपनेे योग पर attention देना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… सच्चा रूहानी परवाना बन परमात्म प्यार में सम्पूर्ण समा जाएं… और इस प्रेम मनसरोवर से निकली हुई परी बन सबको शुभ-भावना वरदानों से भरपूर कर, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

हर कर्म में ज्ञान-योग को लाने की 100 विधियाँ | List of 100 KarmaYog Practices! | Murli Vardan Churnings 09-04-2019

हर कर्म में ज्ञान-योग को लाने की 100 विधियाँ | List of 100 KarmaYog Practices! | Murli Vardan Churnings 09-04-2019

हर कर्म में ज्ञान-योग को लाने की 100 विधियाँ | List of 100 KarmaYog Practices! | Murli Vardan Churnings 09-04-2019

आज बाबा ने वरदान की लास्ट लाइन मे कहा, कि हर कर्म में ज्ञान-योग को लाओ… तो आज आपको 100 कर्म और उनमें उचित योग-अभ्यास भेज रहे हैं… इन्हें खुशी से बाबा की याद में स्वीकार करना जी!

उठते ही!

  • बाबा को गुड़मॉर्निंग
  • सुबह का आदि काल अमृतवेला… बाबा की यादों में
  • ब्रश करते… मैं इस शरीर रूपी robot को साफ कर रही हूँ
  • स्नान करते… मैं इस मन्दिर को साफ कर रही हूँ, जिसमें बाबा की अति प्रिय मूर्ति (मैं आत्मा) विराजमान है!

अगर विशेष तैयार होना हो:

  • बिंदी लगाते… आत्मिक स्मृति का तिलक
  • रूहानी शीतल दृष्टि
  • यदि मेकअप करना पड़े… हर्षितमुखता की लाली
  • रूहानी मुस्कान की लिपस्टिक
  • कुंडल पहनते… Hear no evil, मैं कुछ गलत नहीं सुनूंगी
  • इत्र लगाते… दिव्यगुणों के वाइब्रेशन की स्मृति
  • सैट पहनते… गुणों की स्मृति
  • ईश्वरीय मर्यादाओं का कंगन
  • परमात्म प्रेम की अंगूठी
  • ड्रेस धारण करते… देवता रूप की ड्रेस
  • आईना देखते… मन का मुखड़ा देख ले प्राणी, जरा दर्पण में!

बाहर निकलते

  • बैग उठाते… सभी ज्ञान के पॉइंट कार्यक्षेत्र पर ले जाना
  • शूलेस टाइट करते… अपना आज का लक्ष्य पक्का करना
  • घर से बाहर निकलते… बाबा के साथ जाना
  • लिफ्ट में… मुझे सबकी दुआओं की भी लिफ्ट मिली है, सेवा भी भाग्य की लिफ्ट है
  • चाबी से वाहन शुरू करते… मेरा बाबा, सर्व खज़ानों की चाबी है!
  • कार चलाते… मैं डबल ड्राइवर हूँ, स्थूल कार और शरीर दोनों को चलाता हूँ… बाबा के गीत सुनते
  • सिग्नल पर… अपने मन की गति को भी धीरे करे, ट्रेफिक कंट्रोल!
  • किसी के घर जाने के पहले चप्पल उतारते… देह-भान उतारना

सेन्टर जाते

  • जाते… मैं बाबा के घर जा रही हूँ
  • आते… मैं सेवा-स्थान आ रही हूँ
  • बाबा की रूम में… दिल से बाबा से बातें करे
  • मुरली सुनते… देखे, बाबा मुरली सुनाते हुए (और भी कई अभ्यास है)
  • सबको देखते… यह बड़ा सुन्दर ईश्वरीय परिवार है

व्यायाम करते

  • Walking करते… बाबा के हाथों में हाथ
  • Exercise करते… मन को भी ऎसे flexible करना है
  • सांसो का व्यायाम… बाबा ने मुझे नया जीवन, जियदान दिया है
  • धड़कन का आवाज… मुझे अपने समय-श्वास को सफल करना है

ऑफिस

  • कार्य शुरू करने से पहले… बाबा का आह्वान
  • कार्य समाप्त करने के बाद… थैंक्स बाबा!
  • कार्य करते हुए… बाबा मेरे साथ है, मैं बाबा के साथ combined हूँ
  • कंप्यूटर पर कार्य करते… मैं आँखों द्वारा देख, हाथों द्वारा कर्म कर रही हूँ
  • बीच-बीच में… बाबा से बातें
  • मीटिंग से पहले… सब आत्माओं से मिलना है
  • सैलरी मिलते… बाबा ने मुझे कितना अविनाशी ज्ञान रत्नों से भरपूर किया है!
  • प्रोमोशन मिलते… बाबा ने भी मुझे, कहाँ से कहाँ पहुँचा दिया है

घर-काम करते

  • यह बाबा का घर है
  • बच्चें संभालते… यह बाबा के बच्चे है
  • जाडू़ लगाते… मन को भी पुरानी बातों से साफ करना
  • कपदे मशीन में डालते… बाबा भी मुत पलिटी कपड़ धोते, मुझ आत्मा को साफ करते
  • बर्तन करते… यह शिवबाबा के भण्डारे की सेवा है
  • पानी का ग्लास लेते… मधुबन में भी है, ग्लास और क्लास!
  • पानी भरते… बाबा मुझे शक्तियों से भर रहे है, पानी भी चार्ज हो रहा है
  • पानी / दूध पीते… बाबा मुझे रोज़ ज्ञान अमृत / दूध पिलाते
  • घड़ी देखते… समय बहुत कम है
  • सब्जी खरीदते… सतयुग में सबकुछ श्रेष्ठ होगा
  • पैसे देते… सतयुग में सबकुछ free होगा
  • दूध खरीदते… सतयुग में गाएं भी फ़र्स्ट-क्लास होगी
  • लाइन में खड़े… मुझे अन्त में पश्चाताप के बजाए, प्राप्ति-स्वरूप की लाइन में रहना है
  • गीत-संगीत का आवाज सुनते… बाबा की यादों में रहना है
  • TV पर peace of mind देखते… सूक्ष्मवतन के TV में बाबा मुझे देख रहे है
  • किसी के लड़ाई-झगड़े का आवाज… 1 मिनट बैठ शान्ति शुभ-भावनाओं का दान देेना
  • यदि विश्व में कोई जगह विशेष आवश्यकता हो… पावरफुल सकाश देना

सारा दिन

  • सेवा करते… बाबा करन-करावनहार है
  • गैस on करते… बाबा के योग को अग्नि भी चालू
  • भोजन बनाते… बाबा की पवित्र किरणें इसमें पड़ रही है
  • मीठी चीज़ बनाते… बाबा मुझे रोज़ गरम-हलवा मुरली खिलाते
  • भोजन करने से पहले… बाबा को भोग लगाना
  • भोजन देखते… मैं परम पवित्र आत्मा हूँ
  • भोजन मुख में डालने से पहले… बाबा ने आज क्या कहा
  • भोजन करते… मैं बाबा को खिला रही हूँ, बाबा मुझे खिला रहे हैं, गत्ती-गत्ती
  • वार्तालाभ करते… मैं आत्मा से बात कर रही हूँ, कानों द्वारा सुन रही हूँ
  • ट्रेफिक कंट्रोल… मन को बिल्कुल शान्त करना
  • संकल्पों पर Attention
  • ज्ञान का विचार सागर मंथन
  • रेस्ट करते… बाबा सिर में massage कर रहे है
  • आराम करते… बाबा पैर भी दबाते हैं

मोबाइल use करते

  • यह साधन मुझे सेवा-अर्थ मिला हैं… साधना को इस पर आधारित नहीं करना है
  • रिंग बजते… आत्मा का फोन है
  • फोन करते… आत्मा को फोन कर रही हूं
  • चार्ज करते… मुझे अपने को भी चार्ज करना है, बाबा की याद से
  • Email आया तो… बाबा भी मुझे रोज़ प्रेम-पत्र मुरली भेजते
  • Message आया तो… बाबा ने मुझे आज क्या मैसेज दिया है?
  • सेवा-अर्थ whatsapp... बाबा मेरे लिए सदा online रहते
  • सेवा-अर्थ facebook… बाबा ही मेरा सच्चा खुदा दोस्त है

प्रकृति देखते

  • पेड़… बाबा ने हमें कितना अच्छा कल्प-व्रुक्ष का ज्ञान दिया है
  • फूल… मैं खुशबूदार फूल हूँ
  • फल… मुझे सेवा का प्रत्यक्षफल खाना है, नाम-मान-शान का कच्चा फल नहीं
  • पक्षी… मैं भी आत्म-पंछी हूँ
  • पशु… सतयुग में जानवार भी सम्पूर्ण-स्वच्छ फ़र्स्ट-क्लास होंगे
  • धरती… मुझे धरती-समान दाता बनना है
  • आकाश… मुझे भी आकाश समान विशाल बनना है
  • सूर्य… बाबा भी ज्ञान सूर्य है
  • चंद्रमा… मुझे भी ज्ञान-चंद्रमा ब्रह्मा-बाबा समान सम्पूर्ण बनना है
  • सितारे… मैं लक्की ज्ञान-सितारा हूँ

शाम को

  • नुमाशम को… बाबा की powerful याद!
  • लाइट-fan की स्विच on करते… कोई भी एक श्रेष्ठ स्मृति की स्विच ऑन
  • लाइट on करते… बाबा ने मेरा जीवन ज्ञान-रौ से प्रकाशित कर दिया है
  • Fan on करते… मैं बाबा का fan हूँ!

सोते समय

  • चार्ट लिखते के बाद… देखे, बाबा को चार्ट देते हुए
  • नाइट-ड्रेस पहनते… फरिश्ता रूप की ड्रेस
  • AC करते… बाबा की याद भी शीतल ठण्डक है
  • बिस्तर तैयार करते… बाबा भी सूक्ष्मवतन में मेरा bed तैयार कर रहे हैं
  • लेटते हुए… यह शरीर को गैरेज में रख, मैं आत्मा उड़ चली अपने घर!
  • सोना… बाबा की गोद में, बाबा मेरे सिर पर हाथ फेर रहे हैं

सार

तो चलिए आज सारा दिन… हर कर्म में बाबा के ज्ञान-योग को जोड़कर, सदा योगयुक्त स्थिति में स्थित शान्ति, प्रेम, आनंद से भरपूर रहे… जिससे औरों को भी प्राप्ति-प्रोत्साहन मिलता, और हम साथ में सतयुग स्थापन करने के निमित्त बन जाएंगे… ओम् शान्ति!


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मधुरता-सम्पन्न बनने की सहज विधि | Becoming full of Sweetness | Sakar Murli Churnings 09-04-2019

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1. 84 जन्म पूरे हुए, अब अपने को आत्मा समझ (आत्मा में ही सारा पार्ट है)पारसनाथ बाबा (जो सुप्रीम सोल, ज्ञान-सागर, पतित-पावन सद्गति-दाता, सुख-सागर है) को याद करना है, तो पावन-गौरा सतोप्रधान जीवन-मुक्त विश्व का मालिक पारसनाथ बन जाएँगे…

2. बहुत निर्माण-चित्त निरहंकारी बन सबको समझाते रहना है… आगे चल बहुत महिमा , इसलिए अभी से योग्य, होशियार, चमत्कारी बनना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… अति मीठे बाबा को याद कर, अपने को इतनी मिठास से भर ले… कि सारा दिन मधुरता-सम्पन्न रह हम सबको भी मीठा बनाते, सम्पूर्ण सतोप्रधान दुनिया सतयुग स्थापन कर ले… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | मैं डबल लाइट हूँ | I am Double Light

योग कमेंटरी | मैं डबल लाइट हूँ | I am Double Light image

योग कमेंटरी | मैं डबल लाइट हूँ | I am Double Light

मैं प्रकाश स्वरूप आत्मा … बिल्कुल हल्की… डबल लाइट हूँ

आत्मा भी लाइट… शरीर भी लाइट, प्रकाशमय काया है… मैं डबल लाइट फरिश्ता हूँ

मेरे संकल्प हल्के… सम्बन्ध-सम्पर्क भी हल्के… सन्तुष्टता से भरपूर है

मेरी सारी जिम्मेवारीयां-बोझ… बाबा के है… मैं ट्रस्टी हूँ

परिस्थितियां… पुराने संस्कार, सब हल्के हो गये हैं… मैं स्वराज्य अधिकारी बन गया हूँ

मैं अव्यक्त स्थिति में स्थित… फरिश्ता हूँ… सदा बाबा के साथ हूँ… सब को भी हल्का कर… बाबा के साथ जोड़ता हूँ… ओम् शान्ति!


और योग कमेंटरी:

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