Remembering Baba with love | Sakar Murli Churnings 08-04-2019

Remembering Baba with love | Sakar Murli Churnings 08-04-2019

ज्ञान-सागर पतित-पावन बाबा आए है, हमारी सारी कहानी बताएं पतित से पावन बनाकर, रोना-प्रूफ विश्व का मालिक बनाने… तो पवित्र ब्राह्मण जरूर बनना है, अपने को देह-दुनिया से ऊपर आत्मा समझ (जैसे बाबा शरीर से अलग है) सर्वशक्तिमान बाप को याद करके… बाबा को याद करते प्रेम से आँसू आ जाएं, जो बाबा हमें इतना सुख देते, जिससे हमनें भक्ति मार्ग में इतने वायदे किए है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… अपने प्यारे रूहानी साजन बाबा को, एकव्रता बन इतना प्यार से याद करे… कि उनका सारा प्यार हममें भरकर, हम भी मास्टर प्रेम के सागर बन, सबको रूहानी स्नेह बांटते, क्षीरखण्ड राजधानी सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

हम हैं ज्ञान सूर्य के समीप लक्की सितारे | Lucky Stars sparkling in God’s remembrance | Avyakt Murli Churnings 07-04-2019

हम हैं ज्ञान सूर्य के समीप लक्की सितारे | Lucky Stars sparkling in God’s remembrance | Avyakt Murli Churnings 07-04-2019

1. ज्ञान चंद्रमा और ज्ञान सूर्य के रूहानी रोशनी मिलने से हम सितारे भी चमक उठे हैं, स्नेही सहयोगी सहजयोगी श्रेष्ठ ज्ञानी वा सेवाधारी बन गए हैं… लेकिन कोई मेहनत वाले, कोई सहज सफलता प्राप्त करने वाले सितारे है

2. जो बाबा के अविनाशी प्राप्ति के सम्बन्ध के समीप है, वह औरों को भी समीप सम्बन्ध में जोड़ते… पूरा कनेक्शन ने होने कारण यथाशक्ति रह जाते, फिर और भी विघ्नों में रुकते रहते… इसलिए यथा शक्ति से मास्टर सर्वशक्तिमान बनना है, तो ज्ञान सूर्य सदा साथ रहने से प्राप्तियां परछाइ समान पीछे- पीछे आएँगी

पार्टियों से मुलाकात!

1. एक मत पर दोनों पहिए चलने से रफ्तार तीव्र रहती, एक दो को आगे बढ़ाते, आगे बढ़ते रहना है… विशेष आत्माओं का संग-सहयोग-शिक्षाएं मिलना भी श्रेष्ठ भाग्य है, इसके रिटर्न में सदा उड़ती कला में जरूर रहना है

2. बाबा की याद ही छत्रछाया है, जिसमे माया से सेफ रहते, बाबा का सहयोग मिलती रहता, सर्व प्राप्तियों से सम्पन्न रहते… बाबा को भूल इससे बाहर नहीं आना है, नहीं तो ठोकर दुःख-दर्द मिलता

3. बाबा को भी अपने समान बच्चें, जो बाप से भी विशेष कार्य करते, उनपर नाज़ है… इसके लिए सिर्फ़ याद और सेवा की लगन में मगन रहना है, महावीर बन पहले याद फिर सेवा रखना है

4. संगमयुग है ही मिलन का युग, यह मिलन की आश बाबा की याद दिलाती, मायाजीत बनाती… अव्यक्त रूप में मिलन तो सदा चलता रहेगा (जिसमे कोई समय-शरीर का बन्धन नहीं!), सर्व शक्तियों से सम्पन्न होते रहेंगे… हमारा तो हर मार्निंग शुभ और श्रेष्ठ है

5. वृद्धि होना तो अच्छा है, हमारे भाई-बहनो का कल्याण हो रहा है… हमें सदा सन्तुष्ट रह समय को सफल करते रहना है, आगे यह भाग्यवान दिन भी याद आएँगे

सार

तो चलिए आज सारा दिन… “मैं लक्की सितारा, ज्ञान सूर्य के सदा समीप हूँ”, इसी स्मृति में रह सर्व प्राप्ति सम्पन्न बनें, और सब को बाबा के समीप सर्व प्राप्ति सम्पन्न बनाते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

सेन्टर के श्रेष्ठ वातावरण का सर्वोत्तम लाभ कैसे ले | Using the very pure environment of the Centre | Sakar Murli Churnings 06-04-2019

सेन्टर के श्रेष्ठ वातावरण का सर्वोत्तम लाभ कैसे ले | Using the very pure environment of the Centre | Sakar Murli Churnings 06-04-2019 image

सेन्टर के श्रेष्ठ वातावरण का सर्वोत्तम लाभ कैसे ले | Using the very pure environment of the Centre | Sakar Murli Churnings 06-04-2019

1. बाबा ने हमें आत्मा, परमात्मा, समय का सारा ज्ञान इतना अच्छा समझाया है, कि हम सहज औरों को समझाकर श्रीमत पर श्रेष्ठ राजधानी स्थापन करते… जिसकी प्राइज़ हम 21 जन्म काल से मुक्त रहते, और दिल स्वतः बहला रेहता

2. घर-जिम्मेवारियों संभालते सिर्फ अपने को आत्मा समझ अपने माशूक बाबा को याद करना है (और शान्तिधाम-सुखधाम को), बाकी सब भूलना है.. हम ही सतोप्रधान देवता थे, अब फिर से बाबा हमें पवित्रता, शान्ति, प्रेम, सुख से भरपूर कर रहे हैं, इसलिए कैरक्टर सदा श्रेष्ठ रखना है

3. मधुबन वा सेन्टर पर वातावरण बहुत शान्त श्रेष्ठ रहता, और प्यारा ईश्वरीय परिवार है, जिससेे पढ़ाई सहज होती है इसलिए सेन्टर पर रोज़ जाना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… सेन्टर के श्रेष्ठ वातावरण को use कर, इतना श्रेष्ठ योग कर अपने को शान्ति, प्रेम, आनंद से ऎसा भरपूर कर दे… कि न सिर्फ हमारी स्थिति श्रेष्ठ रहती, साथ में हम अपने घर-office का वातावरण भी ऎसा श्रेष्ठ बनाकर सबको सूक्ष्म सहयोग देते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | मैं शान्तिदूत हूँ | I am messenger of Peace

योग कमेंटरी | मैं शान्तिदूत हूँ | I am messenger of Peace image

योग कमेंटरी | मैं शान्तिदूत हूँ | I am messenger of Peace

मैं शान्ति के ख़ज़ाने से सम्पन्न… शान्ति के सागर की सन्तान… शान्त-चित्त हूँ

मैं शान्ति दूत हूँ… सबको शान्ति का पैगाम दे… शान्ति फैलाती हूँ

मैं शान्तिधाम की रहवासी… शान्ति के सागर बाबा ने मुझे भेजा है… विश्व में शान्ति स्थापन करने

मेरे संकल्प शान्त… बोल शीतल… कर्म अलौकिक है

सबकुछ करते भी… बिल्कुल हल्की… निश्चिंत हूँ… बाबा मेरे साथ है

मुझसे चारों ओर शान्ति को किरणें फैल रही है… सबको शान्ति अनुभव हो रही है… वातावरण परिवर्तन हो… शान्ति की दुनिया सतयुग स्थापन हो रही है… ओम् शान्ति!

गीत: शान्ति की शक्ति से…

1 minute visualisation:


और योग कमेंटरी:

Thanks for reading this meditation commentary on ‘मैं शान्तिदूत हूँ | I am messenger of Peace’

सदा श्रेष्ठ स्थिति अनुभव करने की सहज विधि | Creating an elevated stage | Sakar Murli Churnings 05-04-2019

सदा श्रेष्ठ स्थिति अनुभव करने की सहज विधि | Creating an elevated stage | Sakar Murli Churnings 05-04-2019

1. हम पद्मपद्म भाग्यशाली है, जिनको पढ़ाने स्वयं भगवान् पतित दुनिया में आए हैं… तो अपने को आत्मा समझ एक बाप को याद करने का श्रेष्ठ पुरूषार्थ करना है, तो पावन गौरा विश्व के मालिक बन जाएँगे

2. बाबा खुद गुणवान सर्विसएबुल आज्ञाकारी फूलों को याद कर सर्चलाइट देते… इसके लिए चार्ट रखना, और विचार सागर मंथन जरूर करना है… बाबा को वारिस बनाए उस एक की ही यादों में रह, श्रेष्ठ कर्म वा सेवा का सबूत देना है

3. सेवा में योग का जौहर चाहिए, तब ही सभी बुराइयों को छोड़ सर्व प्राप्ति सम्पन्न बनने की हिम्मत रखेंगे

सार

तो चलिए आज सारा दिन… अपने श्रेष्ठ भाग्य वा प्राप्तियों को स्मृति में रख, सहज पुरूषार्थी बन सदा श्रेष्ठ स्थिति का अनुभव करते, सर्व को शान्ति, प्रेम, खुशी बांटते सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

Sakar Murli Churnings 04-04-2019

Sakar Murli Churnings 04-04-2019

बाबा हमें राजयोग सिखाते (तो बुद्धि उनके तरफ ही रहनी चाहिए!), और हम आत्माओं को पढ़ाते (तो सदैव आत्म-अभिमानी हो रहना है)… यह अलौकिक पढ़ाई सिर्फ अभी संगम पर चलती, जिस ज्ञान से सद्गति हो हम 21 जन्म सुखी रहते… इसलिए, पतित-पावन बाप को याद करते पावन जरूर बनना, तो ज्ञान सागर का सारा ज्ञान हममें धारण हो जाएँगा, बाबा को बच्चा जरूर बनाना है… श्रीमत पर यह जो श्रेष्ठ पुरूषार्थ हम करते वह कल्प-कल्प की श्रेष्ठ नूंध बन जाती

सार

तो चलिए आज सारा दिन… सदा श्रीमत पर मनमनाभव का मंत्र जपते, स्वराज्य अधिकारी सो विश्व राज्य अधिकारी बन जाएँ… औरों के भी दुःख दूर करते, सतयुग बनाते चले… ओम् शान्ति!

Sakar Murli Churnings 03-04-2019

Sakar Murli Churnings 03-04-2019

बाबा ने हमें इतना wonderful सृष्टि चक्र का ज्ञान दिया है, तो सदा इसका सिमरण कर हर्षित रहना है… ड्रामा accurate है, इसलिए किसी बात में मुँझना नहीं… व्यर्थ बातें वा संग से अपनी संभाल करनी है… अपनी उन्नति करते, ज्ञान-योग के आधार से मनुष्य से देवता बनते रहना है

सार

तो चलिए आज सारा दिन… यह समय बहुत कीमती कमाई का है, इसी स्मृति में रह व्यर्थ से मुक्त रूहानी कमाई जमा करते रहे, तो बहुत ही जल्द सतयुग आ जाएंगा… ओम् शान्ति!

योग कमेंटरी | मैं सर्व अविनाशी खजा़नों का मालिक हूँ | Baba Milan Murli Churnings 02-04-2019

योग कमेंटरी | मैं सर्व अविनाशी खजा़नों का मालिक हूँ | Baba Milan Murli Churnings 02-04-2019 image

योग कमेंटरी | मैं सर्व अविनाशी खजा़नों का मालिक हूँ | Baba Milan Murli Churnings 02-04-2019

बाबा ने मुझे… सर्व ज्ञान-गुण-शक्ति-संकल्प के खजा़नों का अधिकारी… बालक सो मालिक बना दिया है

याद और सेवा के बल से… मेरे प्रालब्ध-प्राप्तियों का… पुण्य-दुआओं का सर्वश्रेष्ठ खाता जमा हो रहा है

मैं मास्टर ज्ञान सूर्य हूँ… मुझसे चारों ओर सुख-शान्ति की शक्तिशाली किरणें फैल रही है… सबके दुःख दूर हो… वातावरण शुध्द हो रहा है

मैं श्रेष्ठ… विश्व कल्याणकारी… विश्व परिवर्तक आत्मा हूँ

मैं पद्मापद्म भाग्यशाली हूँ… सदा वाह मेरा भाग्य वाह का गीत गाते… हर श्वास-संकल्प-कर्म को सफल करता हूँ… सफलता मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है… ओम् शान्ति!


और योग कमेंटरी:

Thanks for reading this meditation commentary on ‘मैं सर्व अविनाशी खजा़नों का मालिक हूँ | Baba Milan Murli Churnings 02-04-2019’

सर्व खजा़नों से सम्पन्न बन सबको बांटना, यही है समय का इशारा | Sharing our treasures with all, the call of time! | Baba Milan Murli Churnings 02-04-2019

सर्व खजा़नों से सम्पन्न बन सबको बांटना, यही है समय का इशारा | Sharing our treasures with all, the call of time! | Baba Milan Murli Churnings 02-04-2019 image

सर्व खजा़नों से सम्पन्न बन सबको बांटना, यही है समय का इशारा | Sharing our treasures with all, the call of time! | Baba Milan Murli Churnings 02-04-2019

1. ज्ञान-गुण-शक्ति वा श्रेष्ठ संकल्पों के अखण्ड खजा़नों के दाता बाबा ने… हमें अपने नयनों में समाकर सर्व खजा़नों के अधिकारी, बालक सो मालिक बना दिया है… तो अपना जमा का खाता सदा बढ़ाते रहना है, 3 विधियौं द्वारा:

  • स्व-पुरूषार्थ से प्रालब्ध-प्राप्तियों का खाता
  • सन्तुष्ट रह सबको सन्तुष्ट करने से पुण्य का खाता
  • अथक, नि:स्वार्थ, बड़ी दिल से सेवा करने से दुआओं का खाता

2. समय का बाबा ने कई बार इशारा दिया है, इस हीरे-तुल्य संगमयुग का स्लोगन ही है ‘अब नहीं तो कब नहीं’… क्योंकि अब का आधार सारे कल्प के प्रालब्ध से है, अब ही परमात्म-पार्ट नूंधा हुआ है, जब हम परमात्म प्यार-मिलन-ज्ञान-खजा़नों के अधिकारी बनते… हम पद्मापद्म भाग्यशाली है, इसी रूहानी नशे-स्मृति में सदा रहना है ‘वाह मेरा भाग्य वाह!’, तो चेहरा सदा हर्षित रहेगा… सदा शब्द अण्डरलाइन करना है

3. बाबा हमें हर सब्जेक्ट में पास-विथ-ऑनर देखना चाहते, इसलिए तीव्र पुरूषार्थी बनना है, जिसके 2 मुख्य लक्षण हैं:

  • इस देह-भान से नष्टोमोहा बनने से, और चीजें भी सहज भूल जाती… देह-भान की निशानीयां, व्यर्थ संकल्प-समय से बचने का श्रेष्ठ साधन है हर श्वास-संकल्प-कर्म सफल करना… इस संगमयुग में तो बाबा वरदान है ही, सफलता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है
  • कल भी जाना हो, तो भी एवर-रेडी!… एवर-रेडी अर्थात ऑर्डर हो और तुरन्त मन-वचन-कर्म, सम्बन्ध-सम्पर्क में एवर-रेडी… जैसे कि दादीजी थे, स्वभाव-सम्पर्क, कर्म-सेवा, सन्तुष्ट रहनेे-करने सब में Easy!

4. प्रकृति-हलचल की छोटी-छोटी बातों के कारण यह समय नाजुक है… इसलिए आत्मिक स्वरूप, धारणा, ड्रामा के साथ-साथ कर्मों की गुह्य गति पर भी पूरा अटेन्शन रखना है, साधारण संकल्प-समय-कर्म से भी प्रालब्ध में फर्क पड़ता… और हम तो श्रेष्ठ विश्व-कल्याणकारी विश्व-परिवर्तक आत्माएं है, इन्हीं स्वमानों में स्मृति स्वरूप बनना है

5. अभी सेवा के प्लान बनाने के साथ-साथ, मुख्य आवश्यकता है… मास्टर ज्ञान सूर्य बन सबको शक्तियों की सकाश, सुख-शान्ति की किरणें दे दुःख-अशान्ति से मुक्त करना, शक्तिशाली वृत्ति से वायुमण्डल परिवर्तन करना… इस श्रेष्ठ सेवा में मन को busy रखने से सहज मायाजीत बनते, बातों को छोटी साइडसीन समझ साक्षी हो देख सकते

6. समय, बाबा, एडवांस पार्टी सब हमारा इन्तज़ार कर रहे है, मुक्ति के गेट खोलने… इसलिए मास्टर सर्वशक्तिमान बनना है, दृढ़ता से जो नहीं करना वो नहीं करना है!

7. हम सभी मधुबन के श्रृंगार डबल पुरूषार्थी है… Last सो फास्ट जाने के लिए कमाल करके दिखाना है… हिम्मत का पहला कदम उठाना है, तो बाप-परिवार की पद्मगुणा मदद मिलेंगी… मधुबन से जो सेवा का बल-फल अतिन्द्रीय सुख मिला है, वह सदा कायम रखना है… विघ्न-विनाशक बनकर

8. निर्विघ्न, निर्विकल्प, नीर-व्यर्थ जरूर बनना है… प्रदर्शनी-मेले विंग-कॉन्फ्रेंस स्नेह-मिलन से ऊपर कुछ नई invention निकालनी है, शॉर्ट & स्वीट (और सस्ती!)… बाबा को इस blog की invention के लिए बहुत बहुत शुक्रिया!!

सार

तो चलिए बाबा की अगली season तक… बाबा को सच्चा शुक्रिया कहने लिए,… इस हीरे-तुल्य संगमयुग पर सर्व खजा़नों से सम्पन्न बन, मास्टर ज्ञान सूर्य बन सबको सुख-शान्ति-शक्तियां बांटते रहे … वाह मेरा भाग्य वाह! के गीत गाते सदा श्रेष्ठ स्वमानों के स्मृति स्वरूप बन ever-ready रहे… तो हम बहुत ही थोड़े समय में सतयुग स्थापन करने के निमित्त बन जाएंगे… ओम् शान्ति!


Also read:

Thanks for reading this article on ”

Sakar Murli Churnings 02-04-2019

Sakar Murli Churnings 02-04-2019

1. हमारे बाप-टीचर-सतगुरु बाबा नें हमें सम्पूर्ण ज्ञान देकर सबसे सहज रास्ता बताया है… सबकुछ भूल सिर्फ अपने को आत्मा समझ बाबा को याद करना है, तो पावन दिव्यगुण-सम्पन्न बन जाएंगे

2. जो बाबा से ही बातें करते, बहुत सुखदाई सर्विसएबुल है, वह सदा बाबा की आंखों के सामने है, बाबा उन्हें याद करते… तो सदा श्रेष्ठ कर्म करते पदमों की कमाई जमा करते सदा हर्षित रहना है, फिर यह संस्कार सतयुग में भी कायम रहेंगा

3. माया रावण पर पूरी विजय पानी है, बीमारी-परिस्थितियां के अन्तिम हिसाब-किताब से घबराना नहीं है… हमें तो रूहानी नशे में रहना है, कि बाबा हमें अपना बनाकर शान्तिधाम-सुखधम के लायक बना रहे हैं

सार

तो चलिए आज सारा दिन… जबकि बाबा हमें सदा हर्षित देखना चाहते, तो ऎसा ऊंच ज्ञान-योग का अभ्यास करे, कि हमारी खुशी कभी न जाई … इससे हमारी स्थिति भी श्रेष्ठ रहेंगी, औरों को भी लाभ होता रहेंगा, और हम साथ में सतयुग बनाने के निमित्त बन जाएंगे… ओम् शान्ति!